भारत के तीन पड़ोसी देशों समेत करीब एक दर्जन देशों में चीन मजबूत ठिकाना स्थापित करने का प्रयास कर रहा है ताकि लंबी दूरी से भी वह अपना सैन्य दबदबा बनाये रख सके. पेंटागन की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. Also Read - चीन ने दूसरे दिन ताइवान के जलडमरु मध्‍य के ऊपर 19 फाइटर जेट उड़ाए, US को लेकर दी धमकी

रिपोर्ट के अनुसार भारत के तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, श्रीलंका और म्यामां के अलावा चीन थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, सेशल्स, तंजानिया, अंगोला और तजाकिस्तान में अपने ठिकाने बनाने पर विचार कर रहा है. Also Read - लद्दाख सीमा विवाद: ‘चाइना स्टडी ग्रुप’ की करीब 90 मिनट तक चली बैठक, रक्षा मंत्री से लेकर सेना प्रमुखों ने की तैयारियों की समीक्षा

पेंटागन ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘मिलिट्री एंड सिक्योरिटी डेवलप्मेंटस इंवॉल्विंग द पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) 2020’ में यह जानकारी दी. उसने यह रिपोर्ट मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस को सौंपी थी. Also Read - ड्रैगन की हिमाकत! चीन ने ताइवानी क्षेत्र में उड़ाए लड़ाकू विमान, इसी देश में मौजूद हैं अमेरिकी दूत

पेंटागन ने कहा कि ये संभावित चीनी ठिकाने जिबूती में चीनी सैन्य अड्डे के अलावा हैं, जिनका उद्देश्य नौसेना, वायु सेना और जमीनी बल की कार्यों को और मजबूती प्रदान करना है.

पेंटागन ने रिपोर्ट में कहा, ‘‘ वैश्विक पीएलए (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) के सैन्य अड्डों का नेटवर्क अमेरिकी सैन्य अभियानों में हस्तक्षेप कर सकता है और पीआरसी के वैश्विक सैन्य उद्देश्यों के तहत अमेरिका के खिलाफ आक्रामक अभियानों का समर्थन कर सकता है.’’

उसने कहा कि चीन ने पहले ही नामीबिया, वनुआटू और सोलोमन द्वीपों पर पहले से ही अपना कब्जा जमा लिया है.

पेंटागन ने कहा कि बीजिंग अपने विकास के लिए वैश्विक परिवहन और व्यापार संबंधों का विस्तार करने और अपनी परिधि तथा उसके बाहर देशों के साथ अपने आर्थिक एकीकरण को गहरा करने की राष्ट्रीय कायाकल्प की अपनी रणनीति को सफल बनाने के लिए ‘एक सीमा एक सड़क’ (ओबीओआर) का सहारा लेता है.