नई दिल्लीः भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद को लेकर अब भी गतिरोध जारी है. रविवार को ही रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि डोकलाम जैसी किसी भी घटना से निपटने में हम सक्षम हैं. इस बीच खबर है कि भारतीय सीमा के पास चीन सड़कों का निर्माण कर रहा है. चीन ने शक्सगम घाटी से सियाचिन के पास 36 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कर लिया है. इस सड़क पर दो पोस्ट भी बनाई गई हैं. एक पोस्ट पाक अधिकृत कश्मीर के शक्सगम घाटी में और दूसरी इससे 20 किलोमीटर दूर बनाई है. Also Read - सीमा पर गतिरोध के बीच एलएसी पर रडार स्थापित कर रहा चीन, पैनी नजर बनाए हुए है भारत

रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारत ने इस ताजा निर्माण पर चीनी सरकार को अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है. डोकलाम विवाद के बाद भारत ने कड़ा विरोध जताया तो ऐसा लग रहा था कि चीन शांत हो गया है. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सैटलाइट से हासिल तस्वीरों में सड़क निर्माण देखा जा सकता है. Also Read - लद्दाख गतिरोध: भारत, चीन में इस सप्ताह हो सकता है सैन्य वार्ता का एक और दौर, अब तक नहीं निकला सीमा विवाद का हल

अगले महीने चीन जाएंगी रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अगले महीने चीन की यात्रा पर जाएंगी. डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों देशों बीच संबंधों में आए तनाव के मद्देनजर यह एक अहम यात्रा होगी. वहीं जून में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन जाएंगे. 9-10 जून को चीन के किंगदाओ शहर में एससीओ शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात होगी. इस मुलाकात से पहले भारत और चीन के अधिकारी कई दौर की बैठकें करेंगे. चर्चा है कि पीएम मोदी चीन में सड़क निर्माण के मुद्दों को उठा सकते हैं. Also Read - India-China Border Tension: भारत का चीन को कड़ा संदेश, CDS बिपिन रावत बोले- सीमा पर किसी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं

डोकलाम में बनाई सड़क
चीन ने विवादित स्थल को छोड़ दूसरे रास्ते से दक्षिण डोकलाम तक पहुंचने के लिए सड़क बना ली है. ये सड़क भारतीय चौकियों से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर है, जो भारतीय सुरक्षा के लिए खतरा है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चीन के ऐसा करने के पीछे की एक खास वजह थी. डोकलाम तक पहुंचने का रास्ता ढूंढ चुकी थी और सर्दियों में उसने वहां सड़क का निर्माण कार्य भी कर दिया. जो अब सैटेलाइट इमेज के जरिए साफ दिखाई दे रही हैं.

बता दें कि डोकलाम इलाके में चीन की ओर से लगातार निर्माण कार्य किया जा रहा है. चीन इस इलाके में तेजी से नई चौकियों, हेलीपैड आदि का निर्माण कर रहा है. जानकारों की मानें तो उत्तर डोकलाम पर चीन का एक तरह से कब्जा हो गया है. यहां उसने चौकियों स्थापित करने के साथ ही अपने सैनिकों को भी तैनात कर दिया है.

पाकिस्तान ने चीन को दी शक्सगम घाटी
ट्रांस काराकोरम ट्रैक्ट यानी शक्सगम घाटी कश्मीर के उत्तरी काराकोरम पर्वतों में शक्सगाम नदी के दोनों ओर फैली हुई है. यह भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा हुआ करता थी जिसे 1948 में पाकिस्तान ने अपने नियंत्रण में ले लिया. 1963 में एक सीमा समझौते के तहत पाकिस्तान ने इस क्षेत्र (5180 वर्ग किमी.) को चीन को भेंट कर दिया. पाकिस्तान की दलील थी कि इस से पाकिस्तान और चीन के बीच में मित्रता बन जाएगी.