दुश्मन देश के करीब समंदर की तलहटी में घुसा चीन, क्या रच रहा कोई बड़ी साजिश?

China Seabed Conspiracy: चीन ने ताइवान के समुद्री इलाकों में समुद्र तल का सर्वे किया है. इस इलाके में पहली बार चीन ने यह कदम उठाया है.

Written by: Vineet Sharan Edited by: Vineet Sharan
Published: June 12, 2026, 1:33 PM IST

China Seabed Conspiracy: चीन ने ताइवान के पूर्व में मुश्किल समुद्री इलाकों में समुद्र तल का सर्वे पूरा कर लिया है. बीजिंग के सरकारी मीडिया ने ये दावा किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के इस कदम से ताइवान के आसपास के समुद्री इलाकों में उसका नियंत्रण मजबूत होगा. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार है जब चीन के समुद्री अधिकारियों ने ताइवान के पूर्व में हाइड्रोग्राफिक सर्वे ऑपरेशन किया है.

जापान और फिलीपींस के बीच समुद्री सीमा पर बातचीत के बाद यह कदम मायने रखता है. जापान और फिलीपींस पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अपनी ओवरलैपिंग समुद्री सीमाओं और एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) को तय करने के लिए औपचारिक बातचीत कर रहे हैं.

कैसे बढ़ेगी चीन की सबमरीन की ताकत

रिसर्च पेपर के अनुसार, उथले ताइवान जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के विपरीत, ताइवान के पूर्व का समुद्री इलाका तेज़ी से गहरे फिलीपीन सागर में बदल जाता है, जहां बड़े इलाकों की गहराई 3,000 से 5,000 मीटर तक है. उन समुद्री इलाकों और समुद्र की तलहटी की जानकारी से “पनडुब्बी और पनडुब्बी-रोधी ऑपरेशन को ज़्यादा असरदार बनाया जा सकता है.

इस इलाके में चीन की भागीदारी में समुद्र की तलहटी से संसाधनों की माइनिंग, वैज्ञानिक रिसर्च और पर्यावरण संरक्षण भी शामिल हो सकता है. लेख में कहा गया है, यह ताइवान के आसपास के समुद्री इलाकों पर प्रभावी अधिकार जमाने की चीन की कोशिशों में एक रणनीतिक कामयाबी है.

पांच दिन का ऑपरेशन

यह सर्वे चीन के पांच दिन तक चले समुद्री कानून प्रवर्तन ऑपरेशन का हिस्सा था, जो बुधवार को खत्म हुआ. कोस्ट गार्ड, स्थानीय समुद्री सुरक्षा प्रशासन, ईस्ट सी नेविगेशन सपोर्ट सेंटर और ईस्ट चाइना सी रेस्क्यू ब्यूरो इसमें शामिल रहे.

अमेरिका, जापान और फिलीपींस से मुकाबला

जानकारों का कहना है कि ताइवान के पूर्व में समुद्री इलाकों में कंट्रोल मजबूत करने की बीजिंग की कोशिशों का मकसद वॉशिंगटन, टोक्यो और मनीला (अमेरिका, जापान और फिलीपींस ) की उन कोशिशों को नाकाम करना है, जिनके तहत वे बातचीत के जरिए इस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाना चाहते हैं. बीजिंग ने इन कोशिशों का कड़ा विरोध किया है. विश्लेषकों ने यह भी चेतावनी दी है कि इस इलाके में तनाव बढ़ सकता है.

किसने किया दावा

सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट ‘युयुआन तंतियान’ पर बुधवार को छपे एक लेख में ये दावा किया गया है. चीन के इस प्रोजेक्ट का मकसद इलाके के लिए पहले से अधूरे समुद्र तल की मैपिंग के डेटा को पूरा किया जा सके.

बड़ी बातें

  • यह इलाका ताइवान के पूर्व में स्थित है
  • अमेरिका की इस इलाके में दिलचस्पी है
  • मनीला ने 3 देशों की समुद्री बातचीत की मेजबानी की है
  • यह दूसरे ऐसा वार्ता है जो सोमवार को हुई है

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

बीजिंग यूनियन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ ताइवान स्टडीज के प्रोफेसर झू सोंग्लिंग ने कहा, समुद्र का यह हिस्सा पहले काफी शांत था, और चीन ने वास्तव में कुछ नहीं कहा था या नियमित गश्त नहीं की थी. लेकिन, बीजिंग जापान और फिलीपींस के बीच बातचीत को “खतरनाक” मानता है.

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