नई दिल्लीः चीन की विस्तारवादी नीति से पूरी दुनिया वाकिफ है. इस बीच चीन के एक सरकारी टीवी चैनल ने कुछ ऐसा कर दिया है, जो नेपाल को रास नहीं आ रहा. दरअसल, चीन के सरकारी TV चैनल चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (CGTN) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर माउंट एवरेस्ट की कुछ फोटोज पब्लिश की हैं, जिसके साथ चैनल ने कहा, ‘शुक्रवार को माउंट चोमोलुंगमा पर पड़ती सूर्य की रोशनी का शानदार नजारा. इस चोटी को माउंट एवरेस्ट के नाम से भी जाना जाता है, जो दुनीया की सबसे ऊंची चोटी है. यह चोटी चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित है.’ Also Read - पूर्वी लद्दाख गतिरोध: भारत-चीन के बीच साढ़े 3 घंटे तक क्या बातचीत हुई? सेना ने ड्रैगन को बताई उसकी 'सीमा'

चीन द्वारा माउंट एवरेस्ट को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित बताए जाने पर नेपाल ने नाराजगी जाहिर की है. नेपाल में चीन के खिलाफ आवाज उठना शुरू हो गया है. विशेषज्ञों के मुताबिक, 1960 में चीन और नेपाल ने चल रहे सीमा विवाद के समाधान के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस समझौते के हिसाब से माउंट एवरेस्ट को दो हिस्सों में बांटा जाएगा. समझौते के मुताबिक माउंट एवरेस्ट का दक्षिणी हिस्सा नेपाल जबकि उत्तरी हिस्सा तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के पास रहेगा. Also Read - चीन को निशाना बनाने पर अमूल का अकाउंट किया बंद! लोगों के गुस्से के बाद ट्विटर ने दी सफाई

बता दें तिब्बत पर चीन का कब्जा है. चीन के सरकारी चैनल द्वारा किए इस ट्वीट पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में चाइनीज स्टडीज के प्रोफेसर श्रीकांत कोंडापल्ली का कहना है कि, ‘यह कोई नई बात नहीं. चीन ने पहली बार ऐसा नहीं किया है.

तिब्बत पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए चीन एवरेस्ट पर अपना स्वामित्व मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. दरअसल, तिब्बत की ओर एवरेस्ट इतना दुर्गम है कि चीन की तरफ से इसका बहुत कम इस्तेमाल होता है. यही नहीं वहां से पर्वतारोही चढ़ाई नहीं करते हैं.’