काठमांडू: चीन ने अगले दो साल के दौरान नेपाल को उसके संपर्क मार्ग बेहतर बनाने सहित विभिन्न विकास कार्यक्रमों के लिये 56 अरब नेपाली रुपये की सहायता देने का वादा किया. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रविवार को इसकी घोषणा करते हुये नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के 20 समझौतों पर हस्ताक्षर किये. शी ने यहां नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के साथ हुई बातचीत के दौरान यह घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ तमिलनाडु के मामल्लापुरम में अनौपचारिक शिखर वार्ता करने के बाद शनिवार को नेपाल की दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे. पिछले 23 साल में नेपाल की यात्रा करने वाले वह चीन के पहले राष्ट्र प्रमुख हैं. उन्होंने यहां नेपाल के राष्ट्रपति निवास ‘शीतल निवास’ में विद्या देवी भंडारी के साथ मुलाकात की.

शी ने रविवार को नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी.शर्मा ओली से भी मुलाकात की और प्रतिनिधिमंडल स्तर पर चर्चा की. वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने परिवहन, कृषि, उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 18 समझौतों तथा दो विनिमय पत्रों पर हस्ताक्षर किये. स्थानीय मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से कहा, ‘‘राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री ओली के बीच हुई बैठक नेपाल-चीन संबंध के सभी पहलुओं पर केंद्रित रही.’’ नेपाल के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंध, आपसी हित तथा अन्य विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.

अधिकारियों ने बताया कि शी ने बातचीत के दौरान नेपाल को अगले दो साल में 3.5 अरब युआन यानी 56 अरब नेपाली रुपये की सहायता देने की पेशकश की. उन्होंने काठमांडू को तातोपानी ट्रांजिट प्वाइंट से जोड़ने वाले अर्निको राजमार्ग को दुरुस्त करने का भी वादा किया. यह राजमार्ग 2015 के भूकंप के बाद से बंद है. उन्होंने कहा कि ट्रांस-हिमालयन रेलवे की वहनीयता को लेकर अध्ययन शीघ्र शुरू किया जाएगा. इसके साथ ही चीन केरुंग-काठमांडू टनल रोड के निर्माण में भी मदद करेगा. शी ने विद्या देवी द्वारा शनिवार को दिये सरकारी रात्रिभोज में कहा, ‘‘हमारी दुनिया की आदर्श दोस्ती है और दोनों देशों के बीच किसी तरह का कोई मुद्दा नहीं है.’’ शी ने कहा कि वह और विद्या देवी दोनों देशों के बीच संबंध, दोस्ती और साझेदारी को विकासित करने पर सहमत हुए हैं, जो नेपाल की समृद्धि व विकास में मददगार साबित होगी.

उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में दोनों देशों के बीच अधिक भरोसेमंद व बेहतर संपर्क सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा. शी ने कहा, ‘‘हम नेपाल के चौतरफा दूसरे देशों के भूभाग से घिरे देश के बजाय उसके बेहतर ढंग से जमीनी संपर्क मार्ग से जुड़ा होने के सपने को साकार करने में मदद करना चाहते हैं.’’ उन्होंने कहा कि चीन भूकंप के बाद के नेपाल के निर्माण में मदद करेगा, ‘नेपाल की यात्रा वर्ष 2020’ को बढ़ावा देगा, शिक्षा क्षेत्र में मदद मुहैया कराएगा और शहरी विकास में भी मदद करेगा. विद्या देवी ने ‘एक चीन नीति’ को नेपाल का समर्थन दोहराया और कहा कि नेपाल किसी भी शक्ति को चीन के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा.

उन्होंने नेपाल के विकास कार्यों में मदद के लिये चीन की सराहना की. उन्होंने रसुआगढ़ी-काठमांडू-लुम्बिनी रेलवे लाइन के निर्माण में चीन से मदद की भी मांग की. शी ने मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की. वह नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सह अध्यक्ष कमल दहल ‘प्रचंड’ से भी मिले. दहल के कार्यालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों व दोनों पार्टियों के बीच संबंध को गहरा बनाने के तरीकों पर चर्चा की. नेपाल की दो दिवसीय यात्रा संपन्न कर शी दोपहर को चीन रवाना हो गये.

(इनपुट भाषा)