चीन ने अरुणाचल सीमा के पास सोने के खनन की खबरों से किया इंकार

चीन के भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि हिमालय के हिस्से में करीब 60 अरब डॉलर का सोना, चांदी और अन्य कीमती खनिजों का बड़ा खजाना है

Published date india.com Updated: May 21, 2018 9:26 PM IST
चीन ने अरुणाचल सीमा के पास सोने के खनन की खबरों से किया इंकार

बीजिंग : चीन ने अपने कब्जे वाले अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास विवादित हिस्से में सोने के खनन संबंधी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. चीन का कहना है कि ये रिपोर्ट आधारहीन है जिसमें उस पर आरोप लगाया गया है कि वह अरुणाचल प्रदेश की विवादित सीमा के अपने हिस्से में सोने का खनन कर रहा है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हांगकांग के ‘द साउथ चाइना मार्निग पोस्ट’ की खबर में जिस इलाके का जिक्र किया गया है, वह चीन का क्षेत्र है और वह अपने इस क्षेत्र में वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण करने का अधिकार रखता है.

चीन का इलाका
गौरतलब है कि ‘द साउथ चाइना मार्निग पोस्ट’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने हिमालय क्षेत्र में भारत के साथ विवादित सीमा पर अपने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन अभियान शुरू किया है. चीन के भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि हिमालय के हिस्से में करीब 60 अरब डॉलर का सोना, चांदी और अन्य कीमती खनिजों का बड़ा खजाना है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कैंग के अनुसार जिस इलाके का जिक्र खबर में किया गया है, वह पूर्णतया चीन का इलाका है. चीन नियमित रूप से अपने क्षेत्र में वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक अनुसंधान करता रहा है.

चीन कभी भी अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देगा !
उन्होंने कहा, “चीन ने हमेशा पारिस्थितिकीय पर्यावरण की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया है. हमें आशा है कि संबंधित मीडिया आधारहीन खबरों को उछालने से दूर रहेगा. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि यह कदम अरुणाचल प्रदेश को फिर से अपना बनाने की चीन की एक महत्वकांक्षी योजना का हिस्सा है. अरुणाचल को चीन दक्षिण तिब्बत के रूप में अपना बताता है.

भारत को चेतावनी
लु ने कहा, चीन-भारत सीमा पर चीन की स्थिति पूरी तरह से साफ है. चीन कभी भी कथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देगा. बीजिंग और नई दिल्ली सीमा मुद्दे को सुलझाने के लिए संवाद कर रहे हैं और एक न्यायसंगत व निष्पक्ष समाधान की तलाश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, समस्या के समाधान से पहले, हमें आशा है कि भारत दोनों देशों के बीच के समझौतों को मानेगा, वास्तविक नियंत्रण रेखा को मानेगा, बात को बढ़ा चढ़ाकर दिखाने को रोकेगा और सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए चीन के साथ संयुक्त रूप से कार्य करेगा.
(इनपुट एजेंसी)

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