चीन का शहर यीयू अपने आप में एक अलग पहचान रखता है। शंघाई से तीन घंटे की दूरी पर स्थित यह शहर दुनिया भर को 70 फीसदी क्रिसमस के तोहफे भेजता है। सिर्फ क्रिसमस ही नहीं , यहां गणेश की प्रतिमा से लेकर तमाम चीजें आपको मिल जाएंगी। यहां के दुकानदारों को यह पता नहीं कि गणेश कौन हैं, लेकिन इन प्रतिमाओं की बिक्री से इस शहर के दुकानदार अच्छा खासा मुनाफा कमा लेते हैं। यीयू के दुकानदारों को हिंदुत्व की जानकारी नहीं लेकिन इनकी बनाई मूर्तियां भारत तक में बिकती हैं। इस शहर की पहचान विश्व के सबसे बड़े स्माल कमॉडिटी होलसेल मार्केट के रूप में है। Also Read - चीन कर सकता है साइबर हमले, भारत मुकाबले को तैयार: जनरल बिपिन रावत

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चीन के पूर्व में स्थित झेजियांग प्रांत की इस राजधानी से 200 देशों को 18 लाख सामग्रियां निर्यात की जाती हैं। यह निर्यात 55 लाख वर्ग मीटर में स्थित 75 हजार दुकानों के माध्यम से होती है। ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई आठ घंटे प्रतिदिन के हिसाब से भी समय खर्च करे और दुकानों का भ्रमण करे तो फिर सारी दुकानों को देखने में तीन मिनट से कम समय खर्च करे तो उसे सारी दुकानों तक जाने में एक साल का वक्त लग जाएगा। यीयू में गिमक्रैक खिलौनों से लेकर कृत्रिम फूल और यहां तक की फैंसी दिवार घड़ियां सब मिलती हैं। यह भी पढ़ें: चीन की प्रतिव्यक्ति जीडीपी बढ़कर 7,800 डॉलर  Also Read - VIVO का X-60 सीरीज का शानदार फोन लॉन्च, जानें इसके एडवांस फीचर्स, इतनी है कीमत

यहां की सरकार के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि दुनिया भर को 70 फीसदी से अधिक क्रिसमस का तोहफा यहीं से जाता है। चीन की निर्यात की बात हो तो यह यीयू की चर्चा के बगैर अधूरा रहेगा। यीयू का 99 फीसदी व्यापार निर्यात आधारित है। सबसे मजेदार बात यह है कि भारत यीयू में बने सामानों का सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत के मध्यवर्ग की पसंद ने यीयू के व्यापार और अर्थव्यवस्था को लगातार फलने-फूलने में मदद की है। यीयू के उप मेयर जियोंग ताओ ने आईएएनएस से कहा, “भारत हमारा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है। साथ ही हमारे सबसे बड़े 10 साझेदारो में से आठ एशिया से हैं।”

साल 2015 में यीयू ने दुनिया भर में 3.38 करोड़ डॉलर के सामान दुनिया भर में भेजे। इनमें से 1.8 करोड़ डॉलर के सामान भारत भेजे गए। साल 2014 की तुलना में इसमें 69 फीसदी का इजाफा देखा गया। रत में इन चीजों की खूब मांग है और यही कारण है कि यहां भारतीय व्यापारियों का लगातार आना जारी रहता है। ये यहां से सामान खरीदकर भारत में दोगुनी कीमत पर बेचते हैं। कभी-कभी तो इससे अधिक कीमत भी मिल जाती है। यहां रहने वाले 3 हजार विदेशियों में 1000 भारतीय हैं। इनमें से एक प्रदीप शट्टी यहां काफी लोकप्रिय हैं और यहां के नौकरशाहों के बीच उनकी अच्छी पहचान है। शेट्टी के सुझावों के आधार पर यहां की सरकार यीयू के व्यापार को बढ़ाने का काम कर रही है। यह भी पढ़ें: चीन-ब्रिटेन व्यापार संभावनाओं का लाभ उठाएं : वाणिज्य मंत्री

यीयू ई-कामर्स में भी काफी आगे है। यह चीन में सबसे मजबूत ढांचा वाला है। यीयू में स्थित 7000 परिवारों वाला क्वींगयानलियू गांव में 2800 पंजीकृत ऑनलाइन दुकाने हैं। ये दुकानें दुनिया भर में हर दिन हजारों पार्सल भेजती हैं। यह यहां के गांववालों की व्यापार की समझ को दर्शाती है। जियोंग ने कहा, “हम प्रतिदिन 16 लाख पार्सल भेजते हैं। इनमें से 12 लाख पार्सल चीन में भेजे जाते हैं। यीयू में अपना हवाई अड्डा नहीं है। यह सेना के रनवे को साझा करता है लेकिन दुनिया का सबसे बड़ा कार्गो रेललाइन (13 हजार किलोमीटर) यहां से शुरू होकर मेड्रिड (स्पेन) में खत्म होता है। कार्गो रेलगाड़ी यहां से निकलकर आठ देशों से गुजरती है। यह चीन, रूस, कजाकिस्तान, बेलारूस, पोलैंड, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन का सफर तय करती है। सवाल यह है कि आखिरकार यीयू यह सब कैसे करता है? जियोंग करते हैं कि यीयू के लोग बैठकर इंतजार नहीं करते। उन्होंने कहा, “हम बैठकर निर्देशों का इंतजार नहीं करते। हम सोचते हैं, हम प्रयास करते हैं और यही कारण है कि हम सफल हैं।”