बीजिंग: चीन ने आज घोषणा की कि उसने अपने पहले अत्याधुनिक सुपरसोनिक विमान का परीक्षण किया जो परमाणु आयुधों को ले जाने में और मौजूदा मिसाइल रोधी रक्षा प्रणालियों को भेदने में सक्षम है. Also Read - भारत ने US से लीज पर लिए बेहद खतरनाक Predator Drones, चीन से निपटने को LAC पर हो सकती है तैनाती

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चाइना एकेडमी ऑफ एयरोस्पेस एयरोडाइनामिक्स (सीएएए) ने एक बयान में कहा कि शिंगकोंग-2 शुक्रवार को उत्तरपश्चिम चीन के एक परीक्षण स्थल से प्रेक्षित किया गया. अमेरिका और रूस दोनों इसी तरह के परीक्षण कर रहे हैं. बयान में बताया गया है कि एक रॉकेट से प्रक्षेपित चीनी ‘वेवराइडर’ को 10 मिनट बाद छोड़ा गया. यह स्वतंत्र रूप से उड़ा और पूर्व नियोजित क्षेत्र में उतरा. उन विमानों को सुपरसोनिक कहा जाता है जो आवाज की गति से पांच गुणा या उससे भी ज्यादा रफ्तार से उड़ान भरते हैं. Also Read - LAC पर ठंड से बेहाल चीनी सैनिक, मन बहलाने के लिए कर रहे हैं ये काम

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CAAA ने चाइना एयरोस्पेस साइंस ऐंड टेक्नोलोजी कारपोरेशन के साथ बनाया डिजाइन

चीन की सरकारी मीडिया ने आज सीएएए के बयान के हवाले से बताया कि विमान 30 किलोमीटर की बुलंदी पर मैच 5.5-6 की रफ्तार से उड़ा. सुपरसोनिक विमान का डिजाइन सीएएए ने चाइना एयरोस्पेस साइंस ऐंड टेक्नोलोजी कारपोरेशन के साथ गठबंधन करके किया. सैन्य विशेषज्ञ सोंग जोंगपिंग ने सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स को बताया कि वेवराइडर एक उड़ान वाहन होता है जो वायुमंडल में उड़ता है और अपनी हाइपरसोनिक उड़ान से पैदा शॉकवेव का इस्तेमाल कर उच्च गति से ग्लाइड करता है. (इनपुट एजेंसी)