वॉशिंगटन: अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने चीन को एक बढ़ती हुई चुनौती बताते हुए अमेरिकी सांसदों से कहा कि बीजिंग के आक्रामक व्यवहार से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संकट पैदा हो सकता है. पेंटागन के वार्षिक बजट पर कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों के सवालों के जवाब में उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों की सेनाओं और सरकारी अधिकारियों के बीच संवाद की सीधी लाइन होनी चाहिए. Also Read - आर्थिक तौर तरीकों पर चीन को चुनौती देंगे ये ताकतवर देश, जी-7 के नेताओं में बनी सहमति

ऑस्टिन ने गुरुवार को कहा, ”हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक बर्ताव को देखते हुए मुझे आशंका है कि कुछ ऐसा हो सकता है, जिसके कारण वहां संकट पैदा हो जाए. हम चाहते हैं कि अपने सहयोगियों और साझेदारों तथा शत्रुओं या संभावित शत्रुओं से बात करने की क्षमता हमारे पास हो. इसलिए मुझे लगता है कि सेना बल्कि सरकारी अधिकारियों के बीच भी संवाद की सीधी लाइन होनी चाहिए. Also Read - चीन में गैस पाइप विस्फोट में 12 लोगों की मौत, 100 से ज्यादा लोग घायल

ऑस्टिन ने कहा कि वर्तमान में चीन के साथ अमेरिका के संबंध प्रतिस्पर्धा वाले हैं. उन्होंने कहा, ”वे इस ग्रह का सबसे प्रभावशाली देश बनना चाहते हैं. उनका दीर्घकालिक लक्ष्य यही है. वे सेना समेत अनेक गतिविधियों में हमारे साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहते हैं. हम जो कुछ भी करते हैं, सेना या सरकार के अन्य क्षेत्रों में, इसलिए करते हैं ताकि हम आर्थिक रूप से प्रतिस्पर्धी बने रह सकें, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक तैयार कर सकें और सबसे विस्तृत शोध कर सकें. यह व्यापक गतिविधियों की प्रतिस्पर्धा है.” Also Read - Pakistan Mango Diplomacy: पाकिस्तान की गजब की बेइज्जती, चीन-अमेरिका ने लौटाया तोहफे में भेजा आम

चीन ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि वह उसके साथ एक ”काल्पनिक शत्रु” की तरह बर्ताव न करे. चीन के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस हफ्ते बीजिंग में कहा कि चीन अमेरिका के साथ अविवादित, बिना मुकाबले वाले, परस्पर सम्मान के तथा दोनों के लिए लाभदायक संबंध विकसित करना चाहता है, हालांकि इसके साथ ही वह अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों की भी मजबूती से रक्षा करेगा.”

बता दें कि चीन 10.3 लाख वर्गमील के लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर को अपना संप्रभु क्षेत्र बताता है. हालांकि अमेरिकी नौसेना के पोत अक्सर इस विवादित क्षेत्र से गुजरते हैं जिनके जरिए अमेरिका क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता पर जोर देता है.