बीजिंग: चीन की जनसंख्या में वर्ष 2018 में 1.523 करोड़ की वृद्धि हुई, जो दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश में जनसंख्या वृद्धिदर में लगातार गिरावट का संकेत है. राष्ट्रीय जनसांख्यिकी ब्यूरो द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, चीन की जनसंख्या 2018 में 1.395 अरब रही जो उसके पिछले साल की तुलना के हिसाब से 0.381 फीसदी वृद्धिदर को दर्शाता है. सरकार का अनुमान है कि चीन की जनसंख्या में 2029 में सर्वाधिक 1.442 अरब हो जाएगी, जिसके अगले साल से उसमें गिरावट शुरू होगी. वहीं, दुनिया में दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश भारत में भी आबादी की ग्रोथरेट में भी कमी आई है.

धनी लोगों और निर्धनों के बीच बढ़ती खाई के मद्देनजर विशेषज्ञों का कहना है कि देश धनी होने से पहले ही बूढ़ा हो जाएगा यानी बूढ़ा की संख्या बहुत ज्यादा हो जाएगी.

कुल जनसंख्या में पुरुष महिलाओं से तीन करोड़ अधिक हैं. इसे हाल ही में छोड़ी गई एक बच्चा नीति का परिणाम माना जा रहा है. इस नीति के तहत सांस्कृतिक कारणों से लड़कियों के स्थान पर लड़कों को तरजीह दी जाती थी.

दुनिया में दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश भारत में भी जनसंख्या वृद्धिदर में गिरावट आई है. संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के आधार पर इस महीने उसकी कुल जनसंख्या 1.362 अरब रही.

चीन की जनसंख्या में एक बच्चा नीति खत्म होने के उपरांत 2016 और 2017 में 1.7 करोड़ की वृद्धि हुई. देश में वृद्धों की देखभाल सरकार के लिए बढ़ती चिंता है, क्योंकि कामकाजी जनसंख्या का प्रतिशत लगातार गिर रहा है.

चीनी लगातार उच्च जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन धनी लोगों और निर्धनों के बीच बढ़ती खाई के मद्देनजर विशेषज्ञों का कहना है कि देश धनी होने से पहले ही बूढ़ा हो जाएगा यानी बूढों की संख्या बहुत ज्यादा हो जाएगी.