बीजिंग: ताइवान की आजादी को खत्म कर उसका फिर से चीन में विलय करने की मंशा जाता चुके चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश की सेना को मुकाबला करने की अपनी क्षमता में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करने और युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहने का आदेश दिया है. समाचार एजेंसी एफे ने सरकार के स्वामित्व वाले चाइना डेली समाचारपत्र की शनिवार की रिपोर्ट के हवाले से कहा, “शी ने अपने नियंत्रण वाले केंद्रीय सैन्य आयोग को शुक्रवार को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने सैनिकों से रणनीतिक व सामरिक योजना को बढ़ाने के साथ-साथ आपातस्थिति में प्रतिक्रिया के लिए अपनी संयुक्त संचालन क्षमता व तत्परता में सुधार करने का आग्रह किया.

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राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ताइवान में तथाकथित विदेशी हस्तक्षेप और अलगाववादियों के खिलाफ ताकत के प्रयोग को खारिज करने से इनकार के दो दिन बाद आई है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान द्वीप को फिर से चाइना के कब्जे में लेने और उसे फिर से एक होने (चीन का हिस्सा बनने) को सुनिश्चित करने के लिए ताकत का प्रयोग करने की बात कही थी. ताइवान को बीजिंग एक विद्रोही प्रांत मानता है. सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने का बयान देने के दो दिन पूर्व ही चीनी राष्ट्रपति ने बल प्रयोग से इंकार किया था ऐसे में उनका ये बयान ताइवान को लेकर उनकी नीतियों के क्रम में देखा जा रहा है.

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उन्होंने अपने सैनिकों से राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास में प्रमुख प्रवृत्तियों को समझने को कहा ताकि संकट व मुकबाले की जागरूकता को मजबूत और सैन्य अभियानों के लिए तैयारियां की जा सके. सरकारी टेलीविजन सीसीटीवी के मुताबिक, शी ने 2019 के अपने पहले सैन्य आदेश पर भी हस्ताक्षर किए, जो मुकाबले, ड्रिलों, टुकड़ियों का निरीक्षण और सहनशीलता के अभ्यास के साथ प्रशिक्षण को बेहतर बनाने की प्राथमिकता देता है.(इनपुट एजेंसी)

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