बीजिंग : चीन की एक यूनिवर्सिटी ने फजीहत के बाद छात्राओं के अपनी मर्जी से कपड़े पहनने पर प्रतिबन्ध सम्बन्धी अध्यादेश को वापस ले लिया है. चीन के हुनान कृषि विश्वविद्यालय ने छात्राओं से माफी मांगते हुए अपने विवादस्पद अध्यादेश को वापस लिया है. एक छात्र के सुझाव पर विश्वविद्यालय ने लाइब्रेरी में छात्राओं के मिनी स्कर्ट और हाफ पैंट पहनकर आने पर रोक लगाई थी. विश्विद्यालय को अपने इस आदेश के चलते काफी विरोध का सामना करना पड़ा था. विश्वविद्यालय ने छात्राओं से उनको हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी है.

छात्राओं के मनमर्जी से कपड़े पहनने पर लगी थी रोक
हुनान कृषि विश्वविद्यालय के एक छात्र ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से एक छात्र ने ये शिकायत की थी कि छात्राओं के छोटे कपड़े पहन कर विश्वविद्यालय में आने पर रोक लगाई जाए. छात्र ने प्रबन्धन को लिखे अपने पत्र में कहा था कि ऐसे कपड़े ‘‘ शैक्षणिक वातावरण के लिए हानिकारक हैं और यौन उत्पीड़न का एक प्रकार है’’ छात्र की शिकायत के आधार पर हुनान कृषि विश्वविद्यालय में यह नियम लागू किया गया था. विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा विरोध के बाद अब रद्द कर दिए गए इस नियम के तहत छात्राओं के 50 सेंटीमीटर से छोटी स्कर्ट और पैंट पहने पर रोक लगा दी गई थी.

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मांगी माफी
चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने हुनान कृषि विश्वविद्यालय के हवाले से लिखा है कि, ‘‘ हाल ही में की गई कार्रवाई के चलते छात्राओं को हुई असुविधा एवं खलल के लिए हम माफी चाहते हैं ’’
हुनान कृषि विश्वविद्यालय ने अपने आधिकारिक बयान में ये भी कहा ‘‘ हम प्रबंधन को अनुकूलित करने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ’’
हुनान कृषि विश्वविद्यालय के स्टाफ के एक सदस्य ने कहा कि छात्राएं अब सभी तरह के फैशनेबल कपड़े पहन सकती हैं ,बशर्त कि वो कपड़े बेहद छोटे न हों. उन्होंने कहा कि विवादस्पद नियम पहले ही रद्द कर दिया गया है.
( इनपुट एजेंसी )