नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी ने 15-16 जून की रात में हुए संघर्ष में 10 भारतीय सैनिको को बंधक बनाए जाने की खबर से चीन ने इनकार किया है. चीन ने 15 जून को गलवान घाटी में झड़प के बाद कुछ भारतीय बलों को हिरासत में लिए जाने की खबरों के बीच शुक्रवार को कहा कि ‘‘इस समय ’’ कोई भारतीय जवान उसकी हिरासत में नहीं है. भारतीय सेना ने कहा है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी बलों के साथ जिन भारतीय जवानों की झड़प हुई थी, उनमें से कोई लापता नहीं है. इसके एक दिन बाद चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने यह बयान दिया. Also Read - भारत को मिला अमेरिका का समर्थन, माइक पॉम्पिओ बोले- चीन को भारत ने दिया सही जवाब

झाओ ने गलवान घाटी में भारतीय एवं चीनी बलों के बीच गतिरोध पर सवालों का जवाब देते हुए यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘जहां तक मेरी जानकारी है, इस समय कोई भारतीय जवान चीन की हिरासत में नहीं है.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या भारत ने किसी चीनी जवान को हिरासत में लिया है, ‘‘चीन और भारत राजनयिक एवं सैन्य माध्यमों से मामले को सुलझाने के लिए वार्ता कर रहे हैं. इस समय मेरे पास आपको देने के लिए कोई जानकारी नहीं है.’’ Also Read - कांग्रेस का सवाल- भारतीय सेना LAC पर हमारी ही सरजमी से क्यों हट रही है पीछे, क्या पीएम मोदी के शब्दों के मायने नहीं?

घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले लोगों ने नयी दिल्ली में कहा कि दो मेजरों समेत 10 भारतीय जवानों को चीनी सेना ने तीन दिन तक वार्ता के बाद बृहस्पतिवार शाम को रिहा किया. भारतीय एवं चीनी सेनाओं ने गलवान घाटी के आस-पास के इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करने और गतिरोध दूर करने के लिए लगातार तीसरे दिन बृहस्पतिवार को मेजर जनरल स्तर की वार्ता की.