बीजिंग। भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच चीनी मिलिट्री की हेकड़ी बरकरार है. गुरुवार को चीनी आर्मी के प्रवक्ता कर्नल वू कियान ने बताया कि हमने भारतीय सीमा के करीब युद्ध टैंक का ट्रायल किया. कर्नल वू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि करीब 35 टन वजनी युद्ध टैंक को तिब्बत के मैदानी इलाकों में लाया गया है. हालाकि उन्होंने इस गतिविधि को भारत से जोड़ने से इनकार किया. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हमने 35 टन वजनी टैंक का परीक्षण रखा है. यह किसी देश को निशाना बनाने के लिए नहीं है. हम सिर्फ अपने उपकरणों की क्षमता और गुणवत्ता की जांच करना चाहते हैं.

क्या है भारत-चीन के बीच मौजूदा विवाद
पिछले दिनों सिक्किम सेक्टर के डोंगलांग में चीन की ओर से सड़क बनाने का भारतीय सैनिकों ने विरोध किया . इसके बाद चीनी सैनिकों ने सिक्किम सेक्टर में भारत के दो बंकरों को तोड़ दिया. चीन इसे अपनी सीमा में बता रहा है. भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना की इस कार्रवाई की विरोध किया. तब से अबतक दोनों देशों के हजारों सैनिक आमने-सामने खड़े हैं. दरअसल चीन बॉर्डर पर भारत ने अपनी तैयारियां मजबूत की हैं. पुराने बंकरों की जगह नए बंकरों की इंडियन आर्मी के निर्माण कार्यों को चीन पचा नहीं पा रहा है और इसे उकसाऊ कार्रवाई बता रहा है.

सिक्किम दौरे पर भारतीय सेना प्रमुख

सिक्किम बॉर्डर पर भारत और चीन की सेना आमने सामने खड़ी हैं. इसके चलते हालात की समीक्षा करने आर्मी चीफ बिपिन रावत गुरुवार को सिक्किम पहुंचे. इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने भारत से अपनी सेना को तुरंत वापस बुलाने की मांग की है. कांग ने कहा कि हम भारत से अपनी सेना को तुरंत वापस बुलाने की मांग करते हैं. दोनों पक्षों के बीच समझौते और बातचीत के लिए यह पूर्व शर्त है.

चीन ने वस्तुत: भारत पर आरोप लगाया कि सिक्किम सेक्टर में मौजूदा सैन्य गतिरोध में उसका गुप्त एजेंडा है. वहां उसका भूटान के साथ भौगोलिक विवाद है. भारत पर निशाना साधते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि भूटान सार्वभौमिक मान्यता प्राप्त स्वयंभू राष्ट्र है. लु ने संकेत दिया कि सिक्किम सेक्टर के डोंगलांग में सड़क बनाने के चीन के प्रयास पर भारत आपत्ति कर रहा है. भूटान के चीन के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं.