शी चिनपिंग का तिब्बत दौरा भारत के लिए एक खतरा: अमेरिकी

अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का पिछले सप्ताह तिब्बत के दौरे पर जाना भारत के लिए एक खतरा है.

Published: July 27, 2021 9:38 AM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Santosh Singh

Chinese President Xi Jinping

अमेरिका के एक प्रभावशाली सांसद ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का पिछले सप्ताह तिब्बत के दौरे पर जाना भारत के लिए एक खतरा है. शी ने अरुणाचल प्रदेश के निकट स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तिब्बती सीमावर्ती शहर न्यिंगची का गत बुधवार को दौरा किया था. शी ने वहां शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी और तिब्बत में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की थी.

Also Read:

रिपब्लिकन सांसद डेविड नुनेस ने ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘चीनी तानाशाह शी चिनफिंग ने पिछले सप्ताह भारत की सीमा के पास तिब्बत का दौरा करके अपनी जीत का दावा किया. मुझे लगता है कि पिछले 30 साल में यह पहली बार है, जब चीनी तानाशाह तिब्बत गए हों. यह एक अरब से अधिक की आबादी वाले और परमाणु शक्ति से सम्पन्न भारत के लिए एक खतरे की बात है. भारत के लिए यह खतरे की बात है कि वह एक बड़ी जल परियोजना विकसित करने वाले हैं, जिससे भारत की जल आपूर्ति बाधित हो सकती है.’’

न्यिंगची की यात्रा के दौरान शी ब्रह्मपुत्र नदी घाटी में पारिस्थितिक संरक्षण का निरीक्षण करने के लिए ‘न्यांग रिवर ब्रिज’ गए थे, जिसे तिब्बती भाषा में ‘यारलुंग ज़ंगबो’ कहा जाता है. न्यिंगची, तिब्बत में एक प्रांत स्तर का शहर है जो अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है. चीन, अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है, जिस दावे को भारत ने हमेशा दृढ़ता से खारिज किया है. भारत-चीन के बीच 3,488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सीमा विवाद है.

सांसद ने कहा, ‘‘वास्तविकता यह है कि चीन आगे बढ़ रहा है और (अमेरिका के राष्ट्रपति जो) बाइडन का प्रशासन उसे हर वह चीज करने दे रहा है, जो वह चाहता है.’’

चीन पर तिब्बत में सांस्कृतिक और धार्मिक स्वतंत्रता को दबाने के आरोप हैं, लेकिन चीन आरोपों को खारिज करता आया है. शी ने भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में पिछले साल मई से शुरू सैन्य गतिरोध के बीच यह दौरा किया.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें विदेश की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

Published Date: July 27, 2021 9:38 AM IST