नई दिल्ली: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को चेतावनी दी कि चीन को विभाजित करने के किसी भी प्रयास को कुचल कर रख दिया जाएगा. दरअसल चीन हांग कांग में एक महीने से भी ज्यादा समय से हो रहे विरोध प्रदर्शन के चलते राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है. इसके अलावा अमेरिका ने भी हांग कांग और मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के साथ हो रहे गलत व्यवहार को लेकर चीन की आलोचना की है. चीन के स्टेट ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक, रविवार को एक बैठक में जिनपिंग ने नेपाल के प्रधान मंत्री केपी शर्मा ओली से कहा, “देश के किसी भी हिस्से में चीन को विभाजित करने का प्रयास करने वाले लोगों को कुचल दिया जाएगा और उनकी हड्डियों को पीस कर रख दिया जाएगा.”

सीसीटीवी के मुताबिक, जिनपिंग ने कहा, “चीन को विभाजित करने के ऐसे प्रयासों का समर्थन करने वाली किसी भी बाहरी ताकत को चीनी लोग कभी पूरा नहीं होने देंगे और वह बाहरी ताकतों के लिए एक सपना ही बनकर रह जाएगा जो कभी पूरा नहीं होगा.” जिनपिंग 23 साल में पहली बार नेपाल का दौरा करने वाले चीन के पहले राष्ट्र प्रमुख बन गए हैं. नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी और प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद यहां पहुंचे शी की काठमांडू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अगवानी की और नेपाल की सेना ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया. हिमालय राष्ट्र नेपाल और तिब्बत के बीच रेलवे लिंक के विस्तार के लिए समझौते पर दस्तखत होने की सम्भावना है.

सीसीटीवी ने बताया कि नेपाल के ओली ने भी शी से कहा कि उनका देश अपनी धरती पर किसी भी तरह की “चीन विरोधी गतिविधियों” का विरोध करेगा. अमेरिका के साथ एक लंबे दौर से चल रहे ट्रेड वॉर को खत्म करने की कोशिश कर रहे चीन को अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए लड़ रहे हांगकांग के प्रदर्शनकारियों से कड़ी चुनौती मिली है. उल्लेखनीय है कि चार महीने पहले चीन के साथ प्रत्यर्पण संधि के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब लोकतंत्र की मांग के आंदोलन में तब्दील हो गया है.

पूर्व ब्रिटिश कालोनी रहे हांगकांग में पुलिस ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ रबर की गोलियों, आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया है. चीन के लिए ये दशकों में सबसे खराब राजनीतिक संकट है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले ही चेताया था कि अगर हांगकांग प्रदर्शनकारियों को हैंडल करते समय चीनी अधिकारियों ने कुछ भी गलत किया तो चीन के साथ बातचीत करना मुश्किल होगा.

ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अपनी नवीनतम वार्ता के दौरान शनिवार को चीनी वाइस प्रीमियर लियू हे के साथ हांगकांग के मुद्दे पर चर्चा की. दोनों पक्ष एक “पहले चरण के मजबूत सौदे’ पर पहुंचे हैं. हालांकि कई मूलभूत मुद्दे अनसुलझे रहे और मौजूदा टैरिफ अभी भी नहीं उठाए गए हैं.

वाशिंगटन ने पिछले हफ्ते चीन की 28 चीनी कंपनियों को बीजिंग द्वारा मुस्लिम जातीय अल्पसंख्यकों के साथ गलत व्यवहार के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया था. चीन को झिंजियांग के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में पुन: शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्रों के लिए बढ़ती अंतरराष्ट्रीय निंदा का सामना करना पड़ा है. कार्यकर्ताओं का कहना है वहां 1 मिलियन से अधिक वीगर व अन्य मुस्लिमों के लिए डिटेंशन कैंप हैं. बता दें कि नेपाल पहुंचने से पहले, शी भारत में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के लिए भारत आए थे.