नई दिल्ली: लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात चीनी सैनिकों के साथ ‘हिंसक टकराव’ के दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए. सेना ने यह जानकारी दी. हालांकि इस झड़प में केवल भारतीय जवान ही शहीद नहीं हुए हैं बल्कि चीन के जवान भी मारे गए हैं, खुद चीनी मीडिया ने ये बात कबूल की है. Also Read - गलवान घाटी झड़प में घायल हुए जवानों से मिले पीएम मोदी, बोले- आपको जन्म देने वाली माताओं को नमन करता हूं

बता दें कि इसे चीन की सीमा पर लगभग 45 साल बाद, भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मियों की शहादत की संभवत: पहली घटना माना जा रहा है. इससे पहले 1975 में अरुणाचल प्रदेश में तुलुंग ला में हुए संघर्ष में चार भारतीय जवान शहीद हो गए थे. सेना ने कहा कि चीन को भी नुकसान हुआ है. हालांकि कितना नुकसान हुआ है यह अभी स्पष्ट नहीं है. Also Read - चीन से तनाव के बीच राजनाथ सिंह लद्दाख जाएंगे, सीमा पर सैनिकों से करेंगे बातचीत

लेकिन चाइनीज न्यूजपेपर ग्लोबल टाइम्स के एडिटर चीफ इन ने माना है कि चीन के सैनिक भी मारे गए हैं. हू जिजिन ने ट्वीट करते हुए लिखा- “मुझे जो पता है, उसके आधार पर, चीन की तरफ भी गालवान घाटी में हुए संघर्ष में लोग हताहत हुए हैं.” हू जिजिन ने गीदड़ भभकी देते हुए लिखा, “मैं भारतीय साइड को बताना चाहता हूं, कमजोर होने के नाते अभिमानी और चीन के संयम को गलत मत समझो. चीन भारत के साथ कोई टकराव नहीं करना चाहता है, लेकिन हम इससे डरते नहीं हैं.” Also Read - Chinese Apps Ban: चीन की भारत को धमकी- डोकलाम संकट से ज्यादा झेलना होगा नुकसान

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दोनों ओर से कोई गोलीबारी नहीं हुई. सेना ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘गलवान घाटी में तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान सोमवार रात हिंसक टकराव हो गया. इस दौरान भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए.’ गौरतलब है कि बीते पांच हफ्तों से गलवान घाटी में बड़ी संख्या में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने खड़े थे.