नई दिल्ली: न्यूजीलैंड में दो मस्जिदों पर हमला कर 50 लोगों को मौत के घाट उतारने के आरोपी ऑस्ट्रेलियाई बंदूकधारी ने अपने वकील को हटा दिया है और कहा है कि वह अपनी पैरवी खुद करेगा. अदालत ने उसके वकील के रूप में रिचर्ड पीटर्स की नियुक्ति की थी और उन्होंने शुरुआती सुनवाई में उसका प्रतिनिधित्व किया था. पीटर्स ने सोमवार को बताया कि आरोपी ब्रेंटन टारेंट ने संकेत दिया है कि उसे वकील की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘वह (आरोपी) इस मामले में अपनी पैरवी खुद करना चाहता है.

वहीं, पीटर्स ने उसके स्वास्थ्य के बारे में कहा कि आरोपी पूरी तरह सचेत प्रतीत होता है. वह किसी मानसिक समस्या से ग्रस्त नहीं लगता और आसपास हो रही चीजों से पूरी तरह वाकिफ है. उधर हमलावर को बंदूक बेचने वाले हथियार विक्रेता ने सोमवार को कहा कि 50 लोगों के मारे जाने के पीछे उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है. गन सिटी के प्रबंध निदेशक डेविड टिप्पले ने ब्रेंटन टारेंट को चार हथियार और कारतूस बेचने की पुष्टि की, लेकिन मौतों की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया. उसने कहा, ‘हमें इस हथियार लाइसेंस धारक के बारे में कुछ भी असामान्य नहीं लगा था.

बंदूक विक्रेता ने कहा कि हथियार लाइसेंस आवेदन की पड़ताल करना पुलिस का काम है. वहीं, हमले के संबंध में न्यूजीलैंड की अदालत ने क्राइस्टचर्च की अल नूर मस्जिद पर हमले के सीधे वीडियो प्रसारण को लेकर 18 वर्षीय लड़के पर आरोप तय किए हैं. उस पर ‘वांछित लक्ष्य’ के रूप में मस्जिद की तस्वीर प्रकाशित करने और हिंसा भड़काने को लेकर भी आरोप तय किए गए हैं. अभियोजकों ने कहा कि उसे 14 साल तक की कैद हो सकती है. न्यायाधीश ने इस लड़के का नाम उजागर नहीं किया.