जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष को न्यौता न देने के विरोध में भारत, पाकिस्तान में होने जा रहे राष्ट्रंमडल संसदीय सम्मेलन का बहिष्कार करेगा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने यह फ़ैसला सभी विधानसभा अध्यक्षों से चर्चा के बाद लिया है।Also Read - अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस से भाजपा का मुकाबला करने की उम्मीद करना बेमानी: उमर अब्दुल्ला

भारत ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPU) की बैठक में जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष को न्योता नहीं दिया गया, तो वह इस मीटिंग का बहिष्कार करेगा। Also Read - ISI Terror Module: ओसामा के चाचा ने प्रयागराज में सरेंडर किया, देश में पूरे आतंकी नेटवर्क को को-ऑर्डिनेट कर रहा था

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भारत के रुख की जानकारी दी है।  उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर को न्योता न देकर पाकिस्तान ने नियमों का उल्लंघन किया है। अब तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर को पाकिस्तान की ओर से न्योता नहीं दिया गया है। Also Read - Terror Module: महाराष्‍ट्र ATS- मुंबई पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल से जुड़े एक व्‍यक्ति को मुंबई में हिरासत में लिया

भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि पाकिस्तान की राजनीति कश्मीर संबंधित बातों पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब वार्ता को वास्तविक मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रहा है।

ज्ञात हो कि यह फैसला पंजाब और जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों को लेकर दोनों देशों में बढ़े तनाव के बीच आया है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की हुई बैठक में फैसला किया गया कि अगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया जाता, तो भारत सीपीयू की बैठक का बहिष्कार करेगा।

इससे पहले पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को इस्लामाबाद में 30 सितंबर से 8 अक्टूबर तक होने वाली अंतर संसदीय संघ की बैठक का बुलावा नहीं भेजा था। जबकि भारत में अन्य सभी विधानसभा अध्यक्षों को निमंत्रण भेजे गए।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान ने उस समय यह जवाब दिया, जिस समय भारत ने जम्मू-कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं करने के खिलाफ सीपीए के अध्यक्ष और महासचिव के सामने मामले को पुरजोर तरीके से उठाया।

सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘हमने (31 स्पीकरों ने) इस विषय की समीक्षा की और हमें लगा कि यह गलत है. हम इस फैसले को खारिज करते हैं। हम सीपीए अध्यक्ष को पत्र लिखकर बता रहे हैं कि अगर जम्मू-कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया जाता, तो भारत बैठक में भाग नहीं लेगा या हमारे बैठक में शामिल होने के लिए स्थान बदला जाए।

गौरतलब है कि भारत के सभी विधानसभा स्पीकर CPU के सदस्य हैं।  बैठक पाकिस्तान में ही होने जा रही है। बहरहाल, यह देखना होगा कि भारत के इस रुख पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया क्या होगी। इससे पहले भी पाकिस्तान कई मौकों पर भारत से अलग जम्मू-कश्मीर के अलगाववादियों से मुलाकात करता रहा है। जिस पर भारत ने हमेशा ऐतराज जताया है।