
Azhar Naim
मैं अज़हर नईम हूं और फिलहाल India.com में ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा हूं. यहां मैं ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों ... और पढ़ें
Covid-19 का दौर इतिहास के पन्नों में काले अक्षरों से लिखा जाएगा. इस बीमारी ने कई परिवारों को उजाड़ दिया और उनके बीच बुरी यादें और अकेलापन छोड़ दिया. हालांकि, उस दौरान पूरी दुनिया ने इसके खिलाफ जंग करी और आखिर में इसपर कंट्रोल पा ही लिया था. लेकिन फिर अमेरिका से इसके मामलों में इजाफा देखने को मिला. रिपोर्ट्स सामने आने के बाद हर किसी के बाच चिंता बढ़ गई है कि क्या ये फिर खतरनाक रूप ले लेगा और दोबारा दुनिया को मुसीबत में डाल देगा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में छुट्टियों शुरू होते हैं स्वास्थ्य एजेंसियों के बीच चिंता बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि क्रिसमस और न्यू ईयर जैसे त्योहारों में लोग बड़ी संख्या में अपने परिवार और दोस्तों के कई समारोहों में शामिल होंगे. इसी बीच ठंडे मौसम, बंद जगहों में भीड़ और टीकाकरण की कम दर मिलकर कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा (फ्लू) दोनों के मामलों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. इससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में संक्रमण के मामलों में भारी इजाफा हो सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की शुरुआत में अमेरिका में गर्मियों के अंत में Covid-19 की एक बड़ी लहर उठी थी, जिसने लोगों के बीच बड़ा खतरा पैदा कर दिया था. हालांकि, उस समय संक्रमण तेजी से फैलने की असल वजह एक्सएफजी वेरिएंट था, जिसे स्ट्रैटस नाम दिया गया. इसके बाद इन मामलों को कंट्रोल में लाने का प्रयास किया गया और शरद ऋतु में मामलों में कमी भी देखने को मिली. लेकिन ये कमी वक्ती थी, क्योंकि जैसे ही सर्दियां की शुरुआत हुई वैसे ही कोविड के मामलों ने भी अपने पैर को धीरे-धीरे फैलाना शुरू दिए.
रिपोर्ट्स बताते हैं कि कोविड-19 के मामलें पिछले साल के मुकाबले गंभीर नहीं है. क्योंकि पिछले साल सर्दियों में उठी लहर ने हालात को काफी गंभीर बना दिया था, जो इस बार काफी हद तक कम है. अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, दिसंबर के मध्य तक 31 राज्यों में कोविड संक्रमण बढ़ रहा था या बढ़ने की संभावना जताई गई थी. इनमें 15 राज्यों में हालात स्थिर थे, जबकि केवल एक राज्य में मामलों में गिरावट देखी गई. हालांकि, इसके साथ ही फ्लू के मामलों में भी अचानक तेज उछाल देखा जा रहा है, जिससे अस्पतालों पर दबाव बढ़ सकता है.
स्टैनफोर्ड और एमोरी यूनिवर्सिटी के वेस्टवॉटरस्कैन प्रोग्राम से सामने आए आंकड़ों के अनुसार, नवंबर के बाद से SARS-CoV-2 वायरस की सांद्रता में लगभग 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि जहां फ्लू के मामलों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है, वहीं कोविड-19 के मामलों में वृद्धि की रफ्तार फिलहाल तुलनात्मक रूप से धीमी बनी हुई है.
सर्दियों में कोविड के मामले इसलिए बढ़ जाते हैं क्योंकि ठंड के मौसम में लोग अधिकतर बंद जगहों में रहते हैं, जहां हवा का आवागमन कम होता है और वायरस आसानी से फैलता है. ठंडी और सूखी हवा में वायरस ज्यादा समय तक सक्रिय रहता है, वहीं धूप की कमी और विटामिन-D का स्तर घटने से शरीर की इम्युनिटी भी कमजोर पड़ जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
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