सैंन फ्रांसिस्को: कोरोना वायरस (Corona Virus) से लड़ने के लिए फेसबुक (Facebook) भी हर संभव मदद की कोशिश कर रहा है. फेसबुक ने अब बड़ा ऐलान किया है कि वह अपने यूजर्स की जानकारी शोधकर्ताओं को उपलब्ध कराएगा. फेसबुक चलाने वाले पिछले कुछ दिनों में कहां-कहां गए, किनसे मिले, इसकी पूरी जानकारी शोधकर्ताओं को देगा. इसके पीछे मकसद है कि इससे पता चलेगा कि ये वायरस कहां तक फैल सकता है. Also Read - लॉकडाउन: अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को फोन कर पूछा, अब आगे क्या?

फेसबुक (Facebook) के प्रमुख अधिकारियों के एक्स जिन और लौरा मैकगोर्मन ने एक पोस्ट में लिखा कि सोशल नेटवर्किंग कंपनी (Social Networking Site) ‘‘जनसंख्या आवाजाही’’ को लेकर अपने मैप को उन्नत कर रही है, जिसमें ‘‘इनसाइट मूवमेंट’’ टूल शामिल है. उन्होंने कहा कि इसमें लोगों की निजता को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा. Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

जिन और मैकगोर्मन ने कहा, ‘‘अस्पताल सही संसाधन प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं, और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियां सही दिशा-निर्देश चाह रही हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें इस बारे में बेहतर जानकारी चाहिए कि क्या निवारक उपाय काम कर रहे हैं और वायरस कैसे फैल सकता है.’’ Also Read - देश में 1.3 अरब लोगों का कोरोना का टेस्ट संभव नहीं, ये बहुत महँगा पड़ेगा: डॉ. हर्षवर्धन

पिछले सप्ताह गूगल (Google) ने भी इस तरह के कदम की घोषणा की थी, जिसमें कहा गया था कि दुनिया भर में उपयोगकर्ताओं की आवाजाही से संबंधित डेटा प्रदान करेगा, जो सरकारों को कोरोना-19 महामारी को काबू में पाने के लिए लागू किए गए ‘सामाजिक दूरी’ (Social Distancing) के उपायों के असर का पता लगाने में मदद करेगा.

बता दें कि दुनिया में अब तक 13 लाख से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. जबकि करीब 74 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. चीन, इटली के बाद अब अमेरिका, फ्रांस, स्पेन सहित देशों के हालात भयावाह हैं. इसकी अब तक कोई दवाई नहीं बन पाई है. भारत में अब तक 4 हज़ार से अधिक मरीज मिल चुके हैं. जबकि मौतों का आंकड़ा 100 पार चुका है.