दुबई: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख ने रविवार को कहा कि इस साल कोरोना वायरस से फैली महामारी वैश्विक आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन इसके बाद तेजी से आर्थिक सुधार देखने को मिल सकता है. आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने दुबई में ‘ग्लोबल वीमेंस फोरम’ को बताया कि (वृद्धि दर में) गिरावट आ सकती है, हमारा अनुमान है कि यह गिरावट 0.1-0.2 प्रतिशत के आसपास होगी. Also Read - कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सैमसंग 50 लाख डॉलर देगा, पेटीएम 13 शहरों में आक्सीजन प्लांट लगाएगा

उन्होंने कहा कि इस बीमारी से पहले ही 1,600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और इसका पूरा असर इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी पर कितनी जल्दी काबू पाया जाता है. जॉर्जीवा ने कहा कि मैं सभी को यह सलाह दूंगी कि जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष तक न पहुंचे. अभी भी अनिश्चितता में बहुत कुछ छिपा हुआ है. हम पूर्वानुमानों में नहीं, बल्कि परिदृश्यों के साथ काम करते हैं, मुझसे 10 दिन बाद पूछिए. उन्होंने कहा कि महामारी के असर का पूरा मूल्यांकन करना अभी ‘बहुत जल्दी’ होगा, लेकिन उन्होंने माना कि इससे पर्यटन और परिवहन जैसे क्षेत्र पहले ही प्रभावित हो चुके हैं. Also Read - Dance Deewane 3 के सेट पर फफक-फफक कर रोने लगीं Bharti Singh, बोलीं- नहीं बनना चाहती मां

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उन्होंने कहा कि इस बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि हम नहीं जानते हैं कि ये वायरस कैसा है. हम नहीं जानते हैं कि चीन इस पर कितनी जल्दी काबू पा लेगा. हम नहीं जानते हैं कि क्या यह बाकी दुनिया में फैलेगा. उन्होंने कहा कि अगर इस पर ‘तेजी से काबू पा लिया जाता है’ तो तेजी से गिरावट और तेजी से उछाल आ सकता है, जिसे ‘वी-प्रभाव’ कहा जाता है.