दुबई: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख ने रविवार को कहा कि इस साल कोरोना वायरस से फैली महामारी वैश्विक आर्थिक वृद्धि को नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन इसके बाद तेजी से आर्थिक सुधार देखने को मिल सकता है. आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने दुबई में ‘ग्लोबल वीमेंस फोरम’ को बताया कि (वृद्धि दर में) गिरावट आ सकती है, हमारा अनुमान है कि यह गिरावट 0.1-0.2 प्रतिशत के आसपास होगी. Also Read - इस टॉप मॉडल पर पड़ी कोरोना की मार, समंदर किनारे फंसी तो ताबड़तोड़ न्यूड फोटो शेयर लगाई गुहार...

उन्होंने कहा कि इस बीमारी से पहले ही 1,600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और इसका पूरा असर इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी पर कितनी जल्दी काबू पाया जाता है. जॉर्जीवा ने कहा कि मैं सभी को यह सलाह दूंगी कि जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष तक न पहुंचे. अभी भी अनिश्चितता में बहुत कुछ छिपा हुआ है. हम पूर्वानुमानों में नहीं, बल्कि परिदृश्यों के साथ काम करते हैं, मुझसे 10 दिन बाद पूछिए. उन्होंने कहा कि महामारी के असर का पूरा मूल्यांकन करना अभी ‘बहुत जल्दी’ होगा, लेकिन उन्होंने माना कि इससे पर्यटन और परिवहन जैसे क्षेत्र पहले ही प्रभावित हो चुके हैं. Also Read - राहुल गांधी ने कहा- गरीबों के पैदल पलायन के लिए सरकार जिम्मेदार, नागरिकों की ये हालत करना अपराध

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उन्होंने कहा कि इस बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि हम नहीं जानते हैं कि ये वायरस कैसा है. हम नहीं जानते हैं कि चीन इस पर कितनी जल्दी काबू पा लेगा. हम नहीं जानते हैं कि क्या यह बाकी दुनिया में फैलेगा. उन्होंने कहा कि अगर इस पर ‘तेजी से काबू पा लिया जाता है’ तो तेजी से गिरावट और तेजी से उछाल आ सकता है, जिसे ‘वी-प्रभाव’ कहा जाता है.