इस्लामाबाद: ईरान से लगे पाकिस्तान के सिंध प्रांत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़ कर मंगलवार को 155 हो गई, जिससे देश में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या अब 189 हो गई. वहीं, भारत में कोरोना पीड़ितों की संख्या 131 हो गई है. इसमें तीन लोगों की मौत हो गई है. Also Read - कोरोना से अब तक 111 लोगों की मौत, भारत में 4281 हुई संक्रमितों की संख्या; राज्यों ने दिए लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत

पाकिस्‍तान के अधिकारी ने बताया कि सिंध में 155, खैबर पख्तूनख्वा में 15, बलोचिस्तान में 10, गिलगित बाल्तिस्तान में पांच, इस्लामाबाद में दो और पंजाब में एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई है. वहीं, स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ. जफर मिश्रा ने कहा कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया है और कर्मचारियों को संस्थान के भीतर आने से रोक दिया है. Also Read - कोरोना वायरस से हुई मां की मौत तो बेटे ने शव लेने से किया इनकार, जिला प्रशासन को करना पड़ा अंतिम संस्कार

सिंध सरकार के प्रवक्ता मुर्तजा वहाब ने मंगलवार को ट्वीट किया, “सख्खर में अब तक 119 मरीज संक्रमित पाए गए हैं जबकि 115 लोगों में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई. इसके अलावा प्रांत में 36 लोग संक्रमित पाए गए हैं जिनमें से 34 का इलाज चल रहा है और दो स्वस्थ हो गए हैं.” Also Read - कांग्रेस ने सांसदों के वेतन में कटौती का स्वागत किया, सांसद निधि बहाल करने की मांग

एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने वहाब के हवाले से खबर दी कि प्रांतीय अधिकारियों ने सिंध प्रांत में कोरोना वायरस के पांच नये मामलों की पुष्टि की जिसके साथ ही देश में कोविड-19 मामलों की संख्या 189 पर पहुंच गई.

खबर में बताया गया कि ताफ्तान में पृथक रखे गए धार्मिक यात्रियों की संख्या 9,000 से अधिक है. ये सभी ईरान से लौटे थे और बलोचिस्तान की सरकार ने इन्हें ‘टेंट शहर’ में पृथक रखा है.

अलग रहने की 14 दिन की समय सीमा होने के बाद तीर्थयात्रियों को उनके शहर लौटने की इजाजत दी गई. सिंध और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत ने उन्हें आगे की यात्रा की अनुमति देने से पहले सख्खर और डेरा इस्माईल खान के पृथक केंद्रों में भेज कर जांच करवाई.

सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि तीर्थयात्रियों को तफ्तान में सही से अलग नहीं रखा गया और उन्हें साथ रखा गया. इस बीच, सरकार वैश्विक महामारी से निपटने के लिए कदम उठा रही है. पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने सभी सरकारी विश्वविद्यालय के छात्रावासों को तत्काल प्रबंध के तौर पर पृथक केंद्र में तब्दील कर दिया है.