वॉशिंगटन: कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के लिए चीन को दोष देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि उसने अपने पास उपलब्ध सूचना साझा न कर वैश्विक और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती उत्पन्न की है और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को इसकी कीमत चुकानी होगी. यूएस के विदेश मंत्री ने कहा, मुझे नहीं पता कि यह किस रूप में होगा. Also Read - कोरोना पर PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग- ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर जांच पर दिया जोर; जानें बैठक की खास बातें...

चीन को कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने के अपने तरीके में पारदर्शिता नहीं दिखाने के कारण दुनिया भर के देशों से आलोचना झेलनी पड़ रही है. Also Read - COVID-19: Delhi में घटे केस, केजरीवाल बोले- 2 घंटे में होम आइसोलेशन वाले मरीजों के घर भेजेंगे ऑक्‍सीजन कंसंट्रेटर

बता दें कि पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी 190,870 से अधिक लोगों की जान ले चुकी है. इस बीमारी से अमेरिका में सर्वाधिक करीब 50,000 लोग दम तोड़ चुके हैं. Also Read - Covid-19 Vaccine देश में कब भरपूर उपलब्‍ध होंगी? एम्‍स निदेशक ने दिया ये बड़ा बयान

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन उन खबरों को देख रहा है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस दुनिया में फैलने से पहले वुहान की विषाणु विज्ञान प्रयोगशाला से निकला है.

पोम्पिओ ने गुरुवार रात फॉक्स न्यूज से इंटरव्‍यू में कहा, ” मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने यहां जो किया उसके लिए उसे कीमत चुकानी होगी, अमेरिका की तरफ से तो निश्चित तौर पर. मुझे नहीं पता कि यह किस रूप में होगा.”

हालांकि, उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि फिलहाल ध्यान चीन पर नहीं है बल्कि अमेरिकी प्रशासन का लक्ष्य वायरस को नियंत्रित करना और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाना है.

अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पिओ ने कहा, ”ध्यान अमेरिकियों को सुरक्षित रखने, स्वास्थ्य जोखिम को कम करने और लोगों को ज्यादा से ज्यादा सेहतमंद रखने तथा इस अर्थव्यवस्था को पुन: जीवित करने पर है.”

पोम्पिओ ने ने कहा, ”लेकिन मुझे पूरा भरोसा है. मैं दुनिया भर के कारोबारी लोगों से बात कर रहा हूं. मैं आम नागरिकों से बात कर रहा हूं- उन लोगों से जिन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में अपनी जान को जोखिम में डाला है. उन्हें पता है कि यह चीन के वुहान से उभरे वायरस का नतीजा है और उन्हें पता है कि चीन सरकार ने वह सब नहीं किया, जो उसे करना चाहिए था. इसके लिए कीमत चुकानी होगी.”