कोरोना संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित यूरोपीय देश जर्मनी ने एक बेहद सख्त नियम बनाया है. इसने अपने नागरिकों के लिए सार्वजिनक परिवहन के साधनों, लंबी दूरी की ट्रेनों और दुकानों में फेस मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है. सरकार ने कहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति इन जगहों पर बिना मास्क का पाया गया तो उस पर 10 हजार यूरो यानी 8 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जाएगा. Also Read - COVID-19 Cases on 8 May 2021: देश में कोरोना से 24 घंटे में 4,187 मौतें, आज फिर नए मामले 4 लाख के पार

सोमवार को जर्मनी के 16 में से 15 राज्यों में इस कानून को प्रभावी कर दिया गया. उत्तरी राज्य Schleswig-Holstein में बुधवार से यह कानून लागू होगा. अखबार The Guardian ने इस बारे में एक रिपोर्ट छापी है. Also Read - COVID-19: बारात लेकर जा रहा दूल्‍हा और ड्राइवर निकले कोरोना पॉजिटिव, मच गया हड़कंप

इसमें कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति बिना मास्क का पाया जाता है तो उसे 25 से लेकर 10 हजार यूरो तक जुर्माना भरना होगा. वैसे जर्मनी में कुछ राज्य ऐसे हैं जो यह मानते हैं कि इसपर जुर्माना लगाना ठीक नहीं है. लोग खुद इस चीज का पालन करेंगे. Also Read - Covid-19: महाराष्‍ट्र में कोरोना के 54,022 नए केस, 898 लोगों की मौत, दिल्‍ली में 341 मरीजों की सांसें छिनी

इसमें कहा गया है कि अगर किसी दुकान में दुकानदार या उसका स्टॉफ बिना मास्क का पाया जाएगा तो उसपर सबसे अधिक जुर्माना लगाया जाएगा. गौरतलब है कि जर्मनी में कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन प्रभावी है. वैसे वहां लॉकडाउन के खिलाफ अवाजें भी उठ रही हैं. जर्मनी में कोविड-19 से 5,500 से अधिक लोगों की मौत हुई जो इटली, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन में हुई मौतों से कम है.