कराची: पाकिस्‍तान में हिंदुओं के साथ भेदभाव और बर्बरता कोई नई बात नहीं है, लेकिन दुनिया में फैली कोरोना वायरस की महामारी के बीच भी पाक में हिंदुओं को खाना नहीं दिया जा रहा है. पाकिस्‍तान में हिंदुओं को महामारी के संकट के भी हर दिन की जरूरी वस्‍तुओं से वंचित किया जा रहा है. इससे हजारों गरीब हिंदूओं की भूखे रहने की नौबत आ गई है. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

एक राजनीतिक कार्यकर्ता डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने चेतावनी दी है कि अल्‍पसंख्‍यक हिंदू गंभीर रूप से खाद्य संकट से गुजर रहे हैं और भारतीय सरकार से राजस्‍थान और सिंध बॉर्डर से आपूर्ति करने के लिए कहा है. उन्‍होंने पीएम नरेंद्र मोदी से अपील की है कि बिना देरी किए हुए इस मामले में मानवीय आधार पर सिंध में हस्‍तक्षेप करें. पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत में 5 लाख हिंदू रह रहे हैं. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

कराची के सचल घोठ, लियारी इलाके में उसी तरह से सिंधन में हिंदूओं को सरकारी खाद्य सामग्री और राशन देने से इनकार किया जा रहा है क्‍योंकि वे हिंदू हैं. Also Read - शादी के तुरंत बाद दूल्‍हा-दुल्‍हन सीधे पहुंचे अस्‍पताल, कोरोना टेस्‍ट कराने के बाद पहुंचे घर

पाकिस्‍तान के शहर कराची के रेहर्री गोठ इलाके में हजारों गरीब लोग लाइनों में जरूरी चीजों के लिए लगे थे, लेकिन यहां से उन लोगों को भगा दिया गया, जो लोग हिंदू समुदाय के थे. उन्‍हें बताया गया कि यह राशन वालों के लिए हैं, जिसका मतलब सिर्फ मुस्‍लिमों के लिए है.

बता दें कि लॉकडाउन के दौरान सिंध की सरकार ने स्‍थानीय एनजीओ और प्रशासन के माध्‍यम से दैनिक मजदूरों और गरीबों के लिए राशन बांटने का निर्देश दिया था. स्‍थानीय सरकार ने जिला सरकार के सहयोग से खाद्य सामग्री की आपूर्ति का वितरण किया गया था.

हिंदुओं को बताया गया कि खाद्य आपूर्ति के लिए हिंदू योग्‍य नहीं हैं क्‍योंकि यह केवल मुस्लिमों के लिए है. यहां 3000 लोगों की कोई स्‍क्रीनिंग नहीं की गई थी, जो खाद्य सामग्री लेने के लिए कराची के रेहर्री गोठ इलाके में इकट्ठा हुए थे. बता दें कि पाकिस्‍तान में 1559 लोगों से ज्‍यादा कोराना वायरस से संक्रमित हैं. (कंटेंट: एएनआई)