Imran Khan On Coronavirus: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि लोगों को कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में आने से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाते हुए इसी बीमारी के साथ तब तक जीना सीखना चाहिए, जब तक कि इसका टीका नहीं बन जाता. Also Read - कोरोना के नए प्रकार के कारण वैश्विक स्तर पर संक्रमण के बढ़े मामले, जानिए इसके पीछे की वजह

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, देश पर कोरोना के प्रभाव की समीक्षा के लिए आयोजित राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद टेलीविजन पर प्रसारित एक संबोधन में, खान ने सोमवार को कहा कि देश में मामलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है. लोगों को देश की स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ को कम करने के लिए सरकार द्वारा गठित मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए. Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,505 नए मामले सामने आए, 10 लाख की आबादी पर किए जा रहे 32,650 टेस्ट

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने लॉकडाउन में ढील देने का निर्णय लिया है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था देश में व्यवसायों को निलंबित करने के कारण और ज्यााद नुकसान नहीं उठा सकती है और सरकार भी अब खुद गरीब मजदूरों और बेरोजगारों को नकद सहायता देने की स्थिति में नहीं है. Also Read - चीन की बढ़ेंगी मुश्किलें! कहां से निकला कोरोना वायरस? जांच के लिए अगले हफ्ते चाइना जाएगी डब्ल्यूएचओ की टीम

प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर हम लोगों को लॉकडाउन के तहत रखते हैं, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि लॉकडाउन हटाने पर वायरस फिर से नहीं फैलेगा.” प्रधानमंत्री ने कहा, सरकार ने महामारी के बाद बड़ी मात्रा में सब्सिडी प्रदान की है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, और इसमें बड़ी संख्या में गरीब लोग हैं और लॉकडाउन लागू करना उन्हें दाल-रोटी से वंचित करने के समान है, इसलिए लोगों को बीमारी से खुद को बचाने के लिए सतर्क रहना चाहिए.
(एजेंसी से इनपुट)