नई दिल्लीः कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते आज जब देश-दुनिया का हर व्यक्ति चिंता में है, इस बीच इस महामारी को लेकर तरह-तरह के खुलासे हो रहे हैं. जिसने लोगों की चिंता और भी बढ़ा दी है. छूने, एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलने वाले इस खतरनाक संक्रमण को लेकर अब करीब 32 देशों के सैकड़ों वैज्ञानिकों ने बड़ा खुलासा किया है. जिसके मुताबिक, यह महामारी सिर्फ छूने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ही नहीं बल्कि हवा से भी फैलता है. सैकड़ों वैज्ञानिकों का ऐसा मानना है कि यह एक ऐसी महामारी (Epidemic) है जो हवा से फैलती है. दरअसल, वैज्ञानिकों का दावा है कि इस वायरस के छोटे-छोटे कण हवा में काफी देर तक जिंदा रहते हैं. जिससे लोगों के संक्रमित होने की संभावना और भी बढ़ जाती है. हालांकि, इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) पहले दिन से ही कुछ और ही दावा करता आया है.Also Read - GST कलेक्‍शन 33 फीसदी बढ़ा, सरकार के खजाने में आए 1.16 लाख करोड़ रुपए

दरअसल, इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वायरस के फैलने के तरीकों पर साफ तौर पर कहा था कि इस संक्रमण के वायरस हवा से नहीं फैलते. बल्कि, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलते हैं. WHO ने साफ किया था कि नोवेल कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींक के कंणों के दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है. ये कंण छींकने और बोलने से बूंद के रूप में (Droplets) शरीर से बाहर निकलते हैं, जो साने वाले व्यक्ति के संपर्क में आते हैं और दूसरा व्यक्ति इससे संक्रमित हो जाता है. Also Read - 'लॉकडाउन की वजह से लय टूट गई' ; ओलंपिक में भारतीय मुक्केबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन पर BFI अध्यक्ष का बयान

WHO के मुताबिक, यह वायरस इतना हल्का नहीं होता, जो हवा में उड़ जाए. बल्कि यह काफी भारी होता है और आसानी से जमीन पर गिर जाता है. ऐसे में अब इस महामारी को लेकर एक नई थ्योरी सामने आ रही है. जिसने लोगों को और भी चिंतित कर दिया है. Also Read - COVID-19 Update: देश में आज आए कोरोना के 41,831 नए केस, लगातार बढ़ रहे एक्‍टिव मरीज

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों का दावा है कि यह वायरस हवा से भी फैल सकता है. हवा में वायरस के छोटे-छोटे कण काफी देर तक मौजूद रहते हैं. जिससे इसके फैलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. ऐसे में वैज्ञानिकों ने WHO से वायरस की रिकमंडेशन्स में तुरंत संशोधन का आग्रह किया है, ताकि लोग इसे लेकर पहले से ज्यादा सतर्क रहें. क्योंकि, दुनिया भर में यह वायरस तेजी से बढ़ता जा रहा है. इस संबंध में वैज्ञानिकों ने WHO के नाम एक खुला पत्र भी लिखा है, जिसे अगले सप्ताह एक वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित करने की योजना बना रहे हैं.