Coronavirus LIVE: अमेरिका में सोमवार से कोरोना वायरस की महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन का लोगों पर परीक्षण शुरू हो गया है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 45 वालंटियरों पर सिएटल के कैंसर परमानेंट रिसर्च सुविधा में परीक्षण किया जाएगा. Also Read - Covid-19: देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5000 के करीब, लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर रही है सरकार

वैक्सीन से कोरोना वायरस से संक्रमित होने की खतरा नहीं है. इसमें वायरस से कॉपी किए गए हानिरहित जेनेटिक कोड होते हैं. Also Read - केंद्र सरकार को हाई कोर्ट का निर्देश, झारखंड को तत्काल दस हजार टेस्ट किट और 25 हजार पीपीई मुहैया कराएं

विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन के परीक्षण में कई महीने लगेंगे. दुनियाभर के वैज्ञानिक भी तेजी से शोधकार्य में जुटे हैं. Also Read - Covid-19: सांसदों का वेतन घटाने के लिए अध्यादेश जारी, अब हर महीने उठाना होगा 27 हजार रूपये का नुकसान

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने इस पहले मानवीय परीक्षण के लिए धन दिया है.

लेकिन इस कार्य में लगी बायोटेक्नोलॉजी कंपनी मॉडर्न थेरेप्यूटिक्स का कहना है कि इस वैक्सीन को परीक्षण प्रक्रिया के जरिए बनाया गया है.

ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ जॉन ट्रेगोनिंग ने कहा, “यह वैक्सीन में पहले से मौजूद तकनीक का इस्तेमाल किया गया है.”

उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही उच्च मानक के तहत बनाया गया है. इसमें उन चीजों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे हम लोगों के उपयोग के लिए सुरक्षित समझते हैं और परीक्षण में भाग ले रहे लोगों पर बहुत ही नजदीकी से नजर रखी जाएगी.”
(एजेंसी से इनपुट)