काठमांडू: तेज़ी से फैल रहे कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए नेपाल में मंगलवार से हफ्तेभर का बंद (लॉकडाउन) शुरू हो गया. यह वायरस दुनिया भर में करीब 17000 लोगों की जान ले चुका है और इससे 3.8 लाख लोग संक्रमित हैं. Also Read - दिल्ली में कोविड स्थिति को लेकर CM केजरीवाल की बैठक, बोले- 'ऑक्सीजन और रेमेडिसवीर की कमी, बहुत तेजी से घट रहे ICU बेड'

पांबदियों के पहले दिन बाजार बंद थे और सड़कें सुनी पड़ी थी. सिर्फ सुरक्षा बलों और मेडिकल कर्मियों की गाड़ियां ही सड़क पर दिख रही थी. Also Read - Gujarat: गुजरात में गर्ल्‍स हॉस्‍टल बनाया जा रहा कोविड सेंटर, कल आए थे 8,920 नए केस

कोविड-19 की रोकथाम और नियंत्रण के लिए उप प्रधानमंत्री ईश्वर पोखरेल के नेतृत्व वाली उच्च स्तरीय समिति की बैठक में देशभर में बंद करने का निर्णय हुआ. यह बैठक काठमांडू में कोरोना वायरस के दूसरे मामले की पुष्टि होने के कुछ घंटों बाद हुई थी. Also Read - Rajasthan University Exam 2021: राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षा स्थगित, शिक्षा मंत्री ने दी ये लेटेस्ट जानकारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सलाह के बाद, नेपाल सरकार ने कोरोना वायरस के संभावित प्रसार को रोकने के लिए बंद लागू किया.

सरकार ने लोगों से घरों में रहने की अपील की. हालांकि दवाई की दुकानें और गैस स्टेशन खुले रहेंगे. बंद का उल्लंघन करने पर एक हजार रुपये का जुर्माना और जेल या दोनों हो सकती हैं.

नेपाल सरकार ने मंगलवार को जमीनी रास्ते से भारत से नेपाल के नागरिकों को लौटने की इजाजत देने का फैसला किया. वे मंगलवार शाम तक ही वापस आ सकते हैं और उन्हें 14 दिनों के लिए अलग रहना होगा.