चीन के जिस वुहान शहर से पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है, वहां से अब सच्चाई छन-छन कर सामने आने लगी है. चीन की कम्युनिस्ट सरकार अब तक यही कहती रही है कि उसके इस प्रमुख शहर में कोरोना वायरस की वजह से केवल 3300 लोगों की मौत हुई है, लेकिन ब्रिटेन के प्रमुख अखबार डेली मेल ने स्थानीय लोगों के हवाले से दावा किया है कि वहां कम से कम 42 हजार लोगों की मौत हुई है. Also Read - आक्रामक स्वभाव के लिए मशहूर कगीसो रबाडा ने कहा- मैं जल्दी आपा नहीं खोता हूं

चीन के वुहान शहर को ही कोरोना वायरस की उत्पति का केंद्र माना जा रहा है. आधिकारिक तौर पर दुनिया भर में इस वायरस से अब तक 30 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. चीन के आधिकारिक आंकड़ों में वुहान को छोड़कर हुबेई प्रांत में 3180 लोगों की मौत हुई है. इसी प्रांत के अंदर वुहान शहर है. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से अब तक 3,000 की मौत, मामले 83,000 के करीब पहुंचे

इस रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के हवाले से दावा किया गया है कि वुहान शहर में कोरोना वायरस से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिेए अलग से सात फ्यूनरल गृह बनाए गए थे. प्रत्येक फ्यूनरल गृह से मारे गए लोगों के परिजनों को हर रोज 500 अर्न्स (urns) सौंपे जा रहे हैं. अर्न्स एक पात्र होता है जिसमें मारे गए लोगो की अस्थियां रखी जाती हैं. भारतीय संस्कृति में इसे अस्थि कलश कहा जाता है. Also Read - वैज्ञानिकों ने किया हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का विश्लेषण, कोरोना मरीजों के इलाज में नहीं दिखा इस दवा का खास फायदा

आंकड़ों के हिसाब से हर रोज यानी 24 घंटे के अंदर इन फ्यूनरल गृहों से कुल 3500 लोगों के अर्न्स सौंपे गए. वहां के इन फ्यूनर गृहों में करीब 12 दिनों तक काम चलता रहा. कई फ्यूनरल गृहों ने परिजनों से कहा है कि उन्हें 5 अप्रैल से पहले ये अर्न्स सौंप दिए जाएंगे. चीन में 5 अप्रैल को क्विंग मिंग (Qing Ming) फेस्टिवल है. इस फेस्टिवल में लोग अपने परिजनों की कब्र पर इकट्ठा होते हैं. पिछले दिनों स्थानीय रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि हंकाऊ फ्यूनरल गृह को दो दिनों के भीतर 5000 से अधिक अर्न्स प्राप्त हुए थे. वैसे अब यह कहा जा रहा है कि चीन के इस शहर में कोरोना का संक्रमण खत्म हो गया है. करीब दो माह के लॉकडाउन के बाद इस शहर में जनजीवन समान्य होने लगा है.