लंदन: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख टेड्रोस एडहेनम गेब्रेयेसस ने आगाह किया है कि वैश्विक स्तर पर कोविड-19 महामारी की स्थिति खराब हो रही है और कुछ समय तक चीजें पहले की तरह सामान्य नहीं हो पाएगी. गेब्रेयेसस ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘निकट भविष्य में पहले की तरह चीजें सामान्य नहीं हो पाएगी.’ वहीं,  संयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि कोरोना वायरस महामारी इस साल करीब 13 करोड़ और लोगों को भुखमरी की ओर धकेल सकती है. Also Read - शिक्षा मंत्रालय ने दिया देशभर के विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष की परीक्षा कराने का साफ निर्देश

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने कहा कि खासकर यूरोप और एशिया के कई देशों में महामारी पर काबू पाया गया है, लेकिन कुछ अन्य देशों में संक्रमण का रूझान गलत दिशा में बढ़ रहा है. Also Read - Independence Day 2020: रंग-बिरंगा होगा आसमां, पतंगों के जरिए खत्म हो जाएगा कोरोना!

गेब्रेयेसस ने कई देशों में संक्रमण के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए देशों से समग्र रणनीति लागू करने का आह्वान करते हुए कहा कि संक्रमण के नए मामलों में से तकरीबन आधे अमेरिका से आ रहे हैं. Also Read - लॉकडाउन में मानसून को मिस कर रहे सचिन तेंदुलकर ने लोगों से पूछी उनकी कहानी

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि महामारी की चपेट से निकलने के लिए एक खाका था और संक्रमण के ज्यादा मामले वाले क्षेत्रों में भी इसे लागू करने में अभी भी देर नहीं हुई है.

महामारी करोड़ों लोगों को भुखमरी की ओर धकेल सकती है: यूएन
वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने चेताया है कि कोरोना वायरस महामारी इस साल करीब 13 करोड़ और लोगों को भुखमरी की ओर धकेल सकती है. विश्व में भुखमरी के कगार पर पहुंचे लोगों की संख्या पिछले साल करीब एक करोड़ बढ़ गई थी. यह गंभीर आकलन विश्व में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण की स्थिति के मद्देनजर हालिया रिपोर्ट में सामने आया है. इसे तैयार करने वाली यूएन की पांच एजेंसियों की ओर से इस वार्षिक रिपोर्ट को सोमवार को जारी किया गया.

8.3 करोड़ से 13.2 करोड़ अतिरिक्त लोग जुड़ सकते हैं भुखमरी से
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में उपलब्ध विश्व के आर्थिक परिदृश्य पर आधारित ये प्रारंभिक अनुमान बताते हैं कि ‘महामारी के कारण वर्ष 2020 में कुपोषण की तालिका में 8.3 करोड़ से 13.2 करोड़ अतिरिक्त लोग जुड़ सकते हैं.’ यूएन एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, पिछले साल करीब 69 करोड़ लोग भुखमरी की जद में रहे, जो कि पूरी दुनिया की आबादी का करीब नौ प्रतिशत है. वर्ष 2018 से इस संख्या में करीब एक करोड़, जबकि वर्ष 2014 से करीब छह करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई. रिपोर्ट के मुताबिक, दशकों तक लगातार गिरावट के बाद वर्ष 2014 से भुखमरी के आकंड़ों में ‘धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी होनी शुरू हुई जोकि अब तक जारी है.’