बीजिंग: न्यूयॉर्क राज्य के गर्वनर एंड्रयू क्यूमो ने कोरोना वायरस निमोनिया महामारी को लेकर कहा कि न्यूयॉर्क राज्य में संक्रमित मामलों की संख्या 1.1 लाख के पार हो गई. 3 अप्रैल को मरने वालों की संख्या 630 है, जो अभी तक एक ही दिन में सबसे ज्यादा है. न्यूयॉर्क राज्य में अब तक कुल 3565 लोग नए कोरोना वायरस की वजह से मर गए. Also Read - आक्रामक स्वभाव के लिए मशहूर कगीसो रबाडा ने कहा- मैं जल्दी आपा नहीं खोता हूं

एंड्रयू क्यूमो ने कहा कि न्यूयॉर्क राज्य में अभी भी वेंटिलेटर की कमी हो रही है. चीनी सरकार और न्यूयॉर्क में चीनी जनरल कांसुलेट की मदद में अलीबाबा पब्लिक वेलफेयर फाउंडेशन और जो त्सई फाउंडेशन आदि ने न्यूयॉर्क राज्य को 1000 वेंटिलेटर दान किए. क्यूमो ने चीन को और न्यूयॉर्क में चीनी महावाणिज्य दूतावास का आभार व्यक्त किया और कहा कि ये महामारी से लड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. क्यूमो ने कहा कि न्यूयॉर्क राज्य में महामारी की गंभीरता अभी भी बढ़ रही है और अगले 5 से 8 दिनों में शीर्ष पर पहुंचने की उम्मीद है. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से अब तक 3,000 की मौत, मामले 83,000 के करीब पहुंचे

बता दें कि लंदन की इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट (ICJ) ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से मांग की है कि चीन पर ‘मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध करने के लिए कड़ा जुर्माना’ लगाया जाए. आईसीजे ने आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस महामारी प्राथमिक रूप से चीन का षड्यंत्र है ताकि वह खुद को महाशक्ति बना सके. Also Read - वैज्ञानिकों ने किया हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का विश्लेषण, कोरोना मरीजों के इलाज में नहीं दिखा इस दवा का खास फायदा

आईसीजे अध्यक्ष ने कहा कि यह रहस्य है कि वायरस चीन के सभी प्रांतों में कैसे नहीं फैला जबकि दुनिया के सभी देशों में यह फैल गया है. उन्होंने जिनेवा स्थित मानवाधिकार संगठन से अपील की कि वायरस फैलने के लिए वह चीन, उसकी सेना और वुहान को जिम्मेदार ठहराए जिसके कारण पूरी दुनिया में 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई और दुनिया ठप हो गई.