काठमांडू: कोरोना वायरस ( Coronavirus) ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी ( world’s highest peak) एवरेस्ट (Mount Everest) पर भी अपने पांव पसार दिए हैं. पर्वतारोहण से जुड़े एक विशेषज्ञ के अनुसार कम से कम 100 पर्वतारोही और सहयोगीकर्मी कोविड—19 से संक्रमित पाए गए है, हालांकि नेपाल के अधिकारियों ने इससे इनकार किया है.Also Read - Aaj Ka Itihas 28 May: आज के दिन नेपाल में खत्‍म हुई 240 सालों से चली आ रही राजशाही

आस्ट्रिया के लुकास फर्टनबाक वायरस के डर के कारण पिछले सप्ताह अपना एवरेस्ट अभियान रोकने वाले एकमात्र प्रमुख पर्वतारोही थे. उन्होंने शनिवार को कहा कि उनका विदेशी गाइड और 6 नेपाली शेरपा गाइड का परीक्षण पॉजीटिव आया है. Also Read - इजराइल में घूमिये ये 10 खूबसूरत जगहें, टूरिस्टों को अब नहीं कराना होगा RT-PCR टेस्ट

फर्टनबाक ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में कहा, ‘हम अब सभी पुष्ट मामलों के बारे में जानते हैं. बचाव दल, बीमा कंपनियों, चिकित्सकों, पर्वतारोहण से जुड़े लोगों से इसकी पुष्टि की गई है. मेरे पास पॉजिटिव पाए गए मामलों की सूची है, इसलिए हम इसे साबित कर सकते हैं. ‘उन्होंने कहा, ‘हमारे पास कम से कम 100 ऐसे लोगों की सूची है, जिन्हें आधार शिविर में कोविड के लिए पॉजिटिव पाया गया है. यह संख्या 150 या 200 के करीब हो सकती है.’ Also Read - दुनिया के सबसे छोटे टीनएजर हैं Dor Bahadur Khapangi, गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

फर्टनबाक ने कहा कि एवरेस्ट आधार शिविर में कई मामले थे क्योंकि उन्होंने स्वयं लोगों को बीमार देखा और लोगों को अपने तंबूओं के अंदर से खांसते हुए सुना. इस सत्र में कुल 408 विदेशी पर्वतारोहियों को एवरेस्ट पर चढ़ने की अनुमति दी गई थी. उनके साथ सैकड़ों शेरपा और सहयोगीकर्मी भी रहते हैं, जो कि अप्रैल से ही आधार शिविर में रह रहे हैं.

नेपाल के पर्वतारोहण विभाग से जुड़े अधिकारियों ने हालांकि, इस सत्र में आधार शिविर में पर्वतारोहियों और सहयोगीकर्मियों में किसी सक्रिय मामले से इनकार किया है. महामारी
के कारण पिछले साल पर्वतारोहण पर रोक लगी थी.