आस्टिन: अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 40,000 नए मामले सामने आए हैं और ऐसे में देश के दो राज्यों ने संक्रमण को काबू करने के लिए फिर से प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने सभी बार बंद किए जाने का शुक्रवार को आदेश दिया और फ्लोरिडा ने बार में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया. वहीं एशियाई देश में संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं. भारत में कोरोना के मामले 5 लाख से अधिक हो गए हैं. Also Read - वैज्ञानिकों ने खोजा कोरोना से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बच्चों को बचाने का रहस्य, जानिए क्या है इनका दावा  

बता दें कि अमेरिका स्थित ‘जॉन्स हॉप्किन्स विश्वविद्यालय’ के अनुसार देश में करीब 25 लाख लोग संक्रमित हैं, जिनमें से 1,25,000 लोगों की मौत हो चुकी है. Also Read - कोरोना महामारी के बीच फिल्म निर्माता बना रहे हैं ये प्लान, तापसी पन्नू की आगामी फिल्म से हो सकती है शुरुआत

चीन
इस बीच, चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को बताया कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 21 नए मामले सामने आए, जिनमें से 18 मामले बीजिंग में सामने आए. चीन में इस वैश्विक महामारी के 83,483 मामले सामने आए हैं और 4,634 लोगों को जान गंवानी पड़ी है. जो लोग संक्रमित पाए गए लेकिन उनमें लक्षण नहीं दिखे, उन्हें आधिकारिक संख्या में शामिल नहीं किया गया है. Also Read - अमेरिका में नए वीजा नियम से लाखों भारतीय छात्र परेशान, क्या नरमी बरतेगा ट्रंप प्रशासन?

चीन ने संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए कदम उठाए
बीजिंग के अधिकारियों ने एक बड़े थोक खाद्य बाजार को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया, जहां बड़े स्तर पर संक्रमण फैल गया था. उन्होंने स्कूलों को फिर से बंद कर दिया है और कुछ इलाकों में लॉकडाउन लगा दिया है. सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र की एक खबर के हवाले से बताया कि जांच में ऐसे कुछ ही लोग संक्रमित पाए गए हैं, जिनका बाजार से संबंध नहीं हैं तथा संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं.

दक्षिण कोरिया का ये है हाल 
वहीं, दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के 51 नए मामले सामने आए हैं. नए मामले घनी आबादी वाले सियोल इलाके से सामने आ रहे हैं. इसके साथ ही देश में संक्रमित लोगों की संख्या 12,653 तक पहुंच गई है जिनमें से 282 लोगों की मौत हो चुकी है. सियोल और आसपास के शहरों से 35 नए मामले सामने आए हैं, जो मई के बाद से कोविड-19 के फिर से फैलने का केंद्र रहे हैं.

भारत में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 5 लाख के पार
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 18,552 नए मामले सामने के बाद शनिवार को संक्रमित लोगों की कुल संख्या पांच लाख से अधिक हो गई तथा 384 और लोगों की मौत हो जाने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 15,685 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में सामने आए कोरोना वायरस संक्रमण के 18,552 नए मामलों के साथ देश में अब तक इस महामारी की जद में आने वालों की कुल संख्या 5,08,953 हो गई है. इस अवधि में 384 और लोगों की जान गई है जिससे मृतक संख्या बढ़कर 15,685 तक पहुंच गई है.

ऑस्‍ट्रेलिया में और मामले आने की आशंका
ऑस्ट्रेलिया में स्वास्थ्य अधिकारियों को कोविड-19 के और मामले आने की आशंका है. विदेश से लौट रहे सैकड़ों नागरिकों ने अनिवार्य रूप से पृथक रहना शुरू कर दिया है. इस सप्ताहांत भारत से एडीलेड में करीब 300 लोगों के आने की संभावना है, जबकि सैकड़ों लोगों के दक्षिण अमेरिका और इंडोनेशिया से आने की संभावना है.

अमेरिका के दो राज्‍यों में उठाए गए ये कदम 
अमेरिका के ये दोनों राज्य टेस्‍सास और फ्लोरिडा देश के उन राज्यों की सूची में शामिल हो गए हैं, जो संक्रमण के फिर से जोर पकड़ने के कारण या तो पुन: प्रतिबंध लागू कर रहे हैं या अपनी अर्थव्यवस्थाएं और अधिक खोलने का फैसला फिलहाल टाल रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि परेशान करने वाली बात यह है कि बड़ी संख्या में युवा संक्रमित हो रहे हैं जो मॉस्क पहने बिना या भौतिक दूरी के नियम का पालन किए बिना बाहर निकल रहे हैं.

रेस्तराओं में लोगों की संख्या घटाई
एबॉट ने रेस्तराओं में लोगों की संख्या घटा दी है और कहा है कि 100 से अधिक लोगों को बाहर एकत्र होने पर स्थानीय अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी. फ्लोरिडा की मियामी डेड काउंटी के मेयर कार्लोस गिमेनेज ने शुक्रवार रात को घोषणा की कि वह समुद्री तटों पर लोगों के आने पर प्रतिबंध लगाएंगे.

उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा अब पहले से बेहतर स्थिति है
इस बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस के नेतृत्व में व्हाइट हाउस कोरोना वायरस कार्यबल ने दो महीने में पहली बार संवाददाता सम्मेलन किया. पेंस ने कहा कि अमेरिका दो महीने पहले की तुलना में अब पहले से बेहतर स्थिति में है. उन्होंने कहा कि देश में अब पहले से अधिक चिकित्सकीय आपूर्ति है और मृतक संख्या अपेक्षाकृत कम हुई है.