इस्लामाबाद: पाकिस्तान और विश्व बैंक कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए संसाधनों की कमी वाले 270 सार्वजनिक अस्पतालों और प्रयोगशालाओं की क्षमता को बढ़ाने के लिए 20 करोड़ डॉलर (करीब 32 अरब रुपये) ऋण के लिए बातचीत कर रहे हैं. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, योजना आयोग के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में एक समिति ने कोरोना से निपटने संबंधी तैयारियों की क्षमता बढ़ाने को कहा है. Also Read - कोरोना के खिलाफ जारी जंग में आज दिखेगी भारत की एकता, पीएम मोदी की अपील पर पूरा देश जलाएगा दीप

इसके लिए पाकिस्तान को विश्व बैंक से कम से कम 14 करोड़ डॉलर मिलने की उम्मीद है, जिसे वह 20 करोड़ डॉलर तक बढ़ाना चाहता है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, महामारी से लड़ने के लिए पहले से स्वीकृत और हाल में विश्व बैंक से लिए जाने वाले ऋण के संबंध में पूरी प्रक्रिया को इसी सप्ताह में अंतिम रूप दे दिया जाएगा. Also Read - सेलिब्रिटीज के COOKING VIDEO को देख भड़कीं सानिया मिर्जा, अभिनेत्री दिया मिर्जा ने किया ये कमेंट

स्थानीय विश्व बैंक कार्यालय के प्रवक्ता मरियम अल्ताफ ने पुष्टि की कि विश्व बैंक और पाकिस्तान सरकार कोरोना वायरस के संकट का प्रभावी रूप से सामना करने के लिए 10 से 20 करोड़ डॉलर के वित्तीय सहायता पैकेज पर चर्चा कर रही है. Also Read - अमेरिका में कोरोना से तीन लाख लोग संक्रमित, परेशान ट्रंप ने पीएम मोदी को फोन करके मांगी यह दवा

बता दें कि पाकिस्तान में कोरोनावायरस लगातार अपने पैर पसारता जा रहा है. पिछले तीन-चार दिनों में ही देश के विभिन्न हिस्सों से कोरोना के करीब 200 नए मामले सामने आ चुके हैं. अब सिंध, इस्लामाबाद और खैबर-पख्तूनख्वा में नए मामले सामने आने के बाद पाकिस्तान मेंकोरोनावायरस मामलों की संख्या 250 से अधिक हो चुकी है. यानी कोरोना के मामले में पाकिस्तान अपने पड़ोसी देश भारत से आगे निकल चुका है. भारत में अबतक 151 मामले सामने आ चुके हैं.