पेरिस: ब्रिटेन में विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए संघर्ष कर रहे 11 यूरोपीय देशों में सख्ती से लागू किए गए प्रतिबंधों के कारण संभवत: 59,000 लोगों की जान बच गई. ‘इम्पिरियल कॉलेज लंदन’ के अध्ययनकर्ताओं ने कोविड-19 से सर्वाधिक संक्रमित इटली और स्पेन जैसे देशों के अनुभव का इस्तेमाल किया. Also Read - Complete Lockdown in Uttarakhand: उत्तराखंड में एक सप्ताह के लिए लगाया गया पूर्ण लॉकडाउन, सख्त पाबंदियों के साथ गाइडलाइन जारी

अध्ययन में इस बात की तुलना की गई है कि यदि बंद जैसे कदम नहीं उठाए जाते तो मारे जाने वाले लोगों की अनुमानित संख्या वास्तविक मृत्यु दर से कितनी अधिक होती. सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘कम से कम मार्च के अंत तक लागू बंद के मद्देनजर हमें अनुमान है कि इससे सभी 11 देशों में 31 मार्च तक 59,000 लोगों की मौत टाली जा सकी.’’ Also Read - 'कोरोना वायरस को जैविक हथियार बनाकर युद्ध लड़ना चाहता था चीन, 2015 में किया था टेस्ट'

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘यह सुनिश्चित करके और लोगों की मौत टाली जा सकती है कि यह बंद एवं प्रतिबंध संक्रमण के निम्न स्तर पर पहुंचने तक लागू रह सके.’’ दुनिया में कई अरब लोगों को कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए घरों में रहने के आदेश दिए हैं. इस वायरस से दुनियाभर में 38,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. Also Read - Haryana Lockdown Update: हरियाणा में एक सप्ताह के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन, जारी रहेंगी सख्त पाबंदियां: दिशानिर्देश जारी करेगी सरकार

अध्ययन में कहा गया है कि इटली में चिकित्सकीय प्रणाली पर अत्यधिक दबाव है, इसके बावजूद बंद ने संभवत: 38,000 लोगों की जान बचा ली है. अध्ययनकर्ताओं के अनुसार स्पेन में करीब 16,000 लोगों की जान, फ्रांस में 2,500, बेल्जियम में 560, जर्मनी में 550, ब्रिटेन में 370, स्विट्जरलैंड में 340, आस्ट्रिया में 140, स्वीडन में 82, डेनमार्क में 69 और नॉर्वे में 10 लोगों का जीवन बचाए जाने का अनुमान है.