मास्को: पिछले नौ महीनें से पूरी दुनिया कोरोना वायरस के संकट से जूझ रही है. लोगों को कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है. दुनिया भर में कई कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि अब जल्द ही दुनिया को कोरोना की वैक्सीन मिल जाएगी. इस बीच रूस में शनिवार को शुरू हुये कोरोना वायरस संक्रमण टीकाकरण के लिये उच्च जोखिम वाले समूहों में शामिल हजारों की संख्या में चिकित्सकों, शिक्षकों एवं अन्य लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं. Also Read - द. कोरिया: पालतू जानवर में Covid-19 का पहला मामला आया सामने, बिल्ली का बच्चा कोरोना वायरस से संक्रमित

राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने तीन दिन पहले बड़े पैमाने पर कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू करने का आदेश दिया था . इसके बाद टीकाकरण की शुरूआत हुयी है . हालांकि, रूस में निर्मित इस टीके का जरूरी उन्नत अध्ययन अभी बाकी है जो स्थापित वैज्ञानिक ‘प्रोटोकॉल’ के अनुसार इसकी प्रभावशीलता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक है. Also Read - नए साल में पहली बार असम पहुंचे पीएम मोदी, भूमिहीन मूल निवासियों के लिए जमीन के पट्टों का किया वितरण

भारत में भी कोरोना की वैक्सीन जल्द आ सकती है. शुक्रवार को पीएम मोदी ने देश की जनता को बड़ी जानकारी देते हुए कहा कि देश में तीन कोरोना वैक्सीन ट्रायल के अंतिम फेज में हैं और वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलते ही इनके टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा. पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आगे आने वाले तीन चार हफ्तों में कोरोना वैक्सीन भारत को मिल सकती है. Also Read - Tamannaah Bhatia के शरीर में आई पहले जैसी जान, बोलीं- ज्यादा कुछ....

रूसी नेता ने बुधवार को कहा था कि स्पुतनिक वी की 20 लाख खुराकें अगले कुछ दिनों में उपलब्ध होंगी . इस टीकाकरण के लिये मास्कों में शनिवार को 70 केंद्र खोले गये . डॉक्टरों, शिक्षकों एवं स्थानीय निकाय के कर्मचारियेां को इसके वास्ते अपना समय निर्धारित करने के लिये कहा गया है. मास्को के महापौर सर्गेई सोब्यानीन ने बताया कि कुछ ही घंटों के अंदर इसके लिये पांच हजार लोगों ने हस्ताक्षर किये हैं .