Coronavirus Vaccine News: दुनिया में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है. दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़कर 2.7 करोड़ के पार पहुंच गया है वहीं, अब तक 8 लाख 83 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, कोरोना के वैस्कीन को लेकर भी भारत समेत कई देशों के वैज्ञानिक जी जान से लगे हुए हैं. रूस ने हाल ही कोरोना की वैक्सीन बनाने का दावा किया था. रूस ने इस वैक्सीन का नाम स्पुतनिक-5 (Sputnik V) रखा है जो कि उसके एक उपग्रह का भी नाम है. Also Read - COVID Vaccine Update: कोरोना वैक्सीन को लेकर आई अच्छी खबर, Oxford के टीके का फिर शुरू हुआ ट्रायल

इस बीच रूस के गैमलेया नेशनल रिसर्च सेंटर ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी और रूसी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (RDIF) द्वारा विकसित COVID-19 Vaccine Sputnik V का पहला बैच नागरिकों के लिए जारी किया गया है. जल्द ही क्षेत्रीय आधार पर वैक्सीन की डिलिवरी की भी योजना है. रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से यह जानकारी दी गई है. Also Read - कोरोना के टीके को लेकर आई अच्छी खबर, पुणे में शुरू होगा ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के तीसरा चरण का ट्रायल

रूस से स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया, ‘कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए Sputnik V वैक्सीन के पहले बैच ने चिकित्सा उपकरण नियामक के जरूरी टेस्ट पास कर लिये हैं और पहले बैच को आम नागरिकों के लिए जारी कर दिया गया है.’ बता दें कि बीते 11 अगस्त को रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने COVID-19 की पहली वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को पंजीकृत किया था. इसका नाम स्पुतनिक-5 (Sputnik V) रखा गया था. मालूम हो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का पिछले महीने ऐलान किया था. Also Read - Coronavirus vaccine in India Latest Updates: भारत में कब आएगा कोरोना का टीका? स्वास्थ्य मंत्री ने लिखित में दिया जवाब

बता दें कि भारत में भी कोरोनावायरस की तीन वैक्सीन पर शोध जारी है. स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले की प्राचीर से पीएम मोदी ने कहा था, ‘हमारे वैज्ञानिक ऋषि-मुनियों की तरह जी जान से जुटे हुए हैं. कड़ी मेहनत कर रहे हैं. भारत में एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन टेस्टिंग के अलग-अलग चरणों में है. वैज्ञानिकों से जब हरी झंडी मिल जाएगी तेजी से उत्पादन के साथ वैक्सीन हर भारतीय के पास कम से कम समय में कैसे पहुंचे, उसका रूपरेखा भी तैयार है.’