Daniel Pearl Murder Case: पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल (Daniel Pearl) की हत्या मामले में मुख्य आरोपी ब्रिटिश मूल के अलकायदा आतंकवादी अहमद उमर सईद शेख को रिहा करने का आदेश दिया. साल 2002 में कराची में ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख पर्ल (38) का उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अलकायदा के बीच संबंधों पर एक खबर के लिए जानकारी जुटा रहे थे. इसके बाद सिर कलम करके उनकी हत्या कर दी गई थी.Also Read - Punjab ke CM: बंटवारे के समय पाकिस्तान में रुके और फिर भारत आकर पंजाब के मुख्यमंत्री बने भीम सेन सच्चर

शेख और उसके तीन सहयोगियों को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और सजा सुनाई गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने सिंध उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ सिंध प्रांतीय सरकार की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें पर्ल की हत्या के लिए शेख की सजा को समाप्त कर दिया गया था. तीन न्यायाधीशों वाली एक पीठ ने संदिग्ध को रिहा करने का आदेश भी दिया. पीठ के एक सदस्य ने इस फैसले का विरोध किया. Also Read - T20 World Cup 2022 Full schedule: फिर होगी भारत-पाकिस्तान के बीच 'हाई वोल्टेज भिड़ंत', यहां जानिए पूरा शेड्यूल

उसके वकील महमूद शेख ने मीडिया को बताया कि पीठ ने सिंध हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें अपीलों को खारिज कर दिया गया था और शेख को रिहा करने का आदेश दिया गया था. सिंध उच्च न्यायालय की दो न्यायाधीशों वाली एक पीठ ने अप्रैल, 2020 में उमर शेख की मौत की सजा को पलट दिया था और उसे सात साल कारावास की सजा सुनाई थी और तीन अन्य आरोपियों फहाद नसीम, शेख आदिल और सलमान साकिब को बरी कर दिया था. Also Read - Pakistan Blast: लाहौर के अनारकली बाजार में धमाका, 3 की मौत 20 से ज्यादा घायल

आतंकवाद निरोधक अदालत (ATC) ने इन आरोपियों को पहले आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. सिंध सरकार और डेनियल पर्ल के परिवार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की थीं. इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह इस मामले में किसी भी घटनाक्रम पर नजर बनाये रखेगा और पर्ल के परिवार का समर्थन करता रहेगा. अमेरिका पर्ल के वास्ते न्याय की मांग को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा रहा है.

(इनपुट: भाषा)