वाशिंगटन: विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारतीय समुदाय के वर्चस्व का एक और उदाहरण उस समय देखने को मिला जब भारतीय मूल के छह किशोरों को प्रतिष्ठित डेविडसन फेलो स्कॉलरशिप दी गई.
छात्रवृत्ति के तहत दो भारतीय अमेरिकी छात्रों को 50-50 हजार अमेरिकी डॉलर मिले. अन्य तीन को 25-25 हजार अमेरिकी डॉलर की छात्रवृति राशि मिली.

रेलवे के लिए चीन से कम कर्ज लेगा पाकिस्तान, रेलमंत्री बोले- हम गरीब देश, ज्यादा बोझ नहीं सह सकते

इंस्टीट्यूट 18 वर्ष तक के मेधावी किशोरों को देता है छात्रवृत्ति
यह छात्रवृति डेविडसन इंस्टीट्यूट द्वारा 18 साल या 18 साल से कम उम्र के ऐसे छात्रों को दी जाती है जो विज्ञान, गणित, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, संगीत, साहित्य, दर्शन या अन्य क्षेत्र में अपनी मेधा का परिचय देते हैं. वर्जीनिया की काव्या कोप्पारापू और कनेक्टिकट के राहुल सुब्रह्मण्यम को 50-50 हजार अमेरिकी डॉलर की छात्रवृति राशि मिली.

इंडोनेशिया में भूकंप-सुनामी से मरने वालों की संख्या 1200 के पार, अभी मलबे में फंसे सैकड़ों लोग

काव्या को कैंसर के मरीजों के इलाज का एक लक्षित तरीका बताने के लिए और सुब्रह्मण्यम को जीका वायरस की अग्रिम चेतावनी प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम करने के लिए यह छात्रवृत्ति मिली. देश भर के कुल 20 मेधावी छात्रों को शुक्रवार को डेविडसन फेलो स्कॉलरशिप दी गई. (इनपुट भाषा)