काहिरा: मिस्र की सरकारी मीडिया ने कहा है कि एक अदालत ने 2013 के एक धरने में कथित भागीदारी के लिए 75 लोगों को मौत की सजा सुनाई है. इनमें प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड के शीर्ष नाम शामिल हैं. Also Read - मिस्त्र के बाद तुर्की से हजारों टन प्याज आयात करेगा भारत, बढ़ते दामों पर लगाम लगाने की कवायद

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काहिरा आपराधिक अदालत में आज के निर्णय को सर्वोच्च मुफ्ती के पास भेजा जाएगा जिस पर वह सजा पर अबाध्यकारी विचार रखेंगे. वह आम तौर पर अदालत के निर्णय को मंजूरी दे देते हैं. सरकारी अल अहरम समाचार वेबसाइट के अनुसार 660 अन्य को सजा सुनाया जाना आठ सितम्बर के लिए तय है. Also Read - भारत ने ICJ से कहा- कुलभूषण जाधव को मौत की सजा रद्द हो या सामान्य कानून के तहत हो सुनवाई

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मामले में 739 प्रतिवादी शामिल हैं जिसमें मुस्लिम ब्रदरहुड का सर्वोच्च मार्गदर्शक मोहम्मद बदी और फोटो पत्रकार महमूद अबु जैद शामिल हैं. आरोप हत्या से लेकर सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने तक है. बता दें कि मुस्लिम ब्रदरहुड मिस्र का आतंकी संगठन है. मिस्र में उस पर बैन लगाया गया है. यह संगठन कई तानाकी घटनाओं को अंजाम दे चुका है. 2015 में इससे जुड़े 12 लोगों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी.