टोक्यो: जापान में शनिवार को हुई बारिश से भारी कहर ढाया है. इसमें 38 लोगों की मौत हो गई और 47  लोग लापता हैं. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, जापान मौसम विभाग (जेएमए) ने हयोगो, ओकायामा, गिफु फुकुओका, नागासाकी, सागा, हिरोशिमा और टोट्टोरी प्रांत में अधिकतम संभावित अलर्ट जारी किया है. दक्षिणी जापान में शनिवार को भारी बारिश की वजह से 38 लोगों की मौत हो गई और 47  लापता हैं. लापता होने वालों में अधिकतम लोग ओकायामा, हिरोशिमा और इहिमे के हैं, जहां राहत दल ने फंसे हुए और घायल लोगों के खोज के लिए अभियान चलाया है.

सरकारी प्रसारक एनएचके ने बताया कि जापान के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र बाढ़ और मूसलाधार बारिश से बुरी तरह से प्रभावित है
– बारिश से 38 लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए है, जबकि 47 लोग लापता हैं
– टेलीविजन फुटेज में ओकायामा में एक आवासीय क्षेत्र दिखाया गया है जो भूरे रंग के पानी में एक विशाल झील की तरह नजर आ रहा है
– कुछ लोग घरों की छतों और बालकनी में चले गए हैं
– ओकायामा प्रांत ने एक बयान में कहा कि भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 6 अन्य लापता है
– 3,60,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाये जाने के आदेश जारी किए गए थे
– एनएचके टीवी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में खड़ी कारें जलमग्न हो गई है
– प्रभावित क्षेत्रों में पानी पांच मीटर (16 फुट) की ऊंचाई तक पहुंच गया है
– क्योडो समाचार सेवा ने मृतकों की संख्या 34 बताई है
– हिरोशिमा में भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत हो गई
– बाढ़ग्रस्त इलाके से एक बच्चे का शव भी बरामद हुआ है
– एनएचके ने राहत का इंतजार कर रहे लोगों से उम्मीद नहीं खोने का आग्रह किया है
– क्योटो प्रांत में विभिन्न बांधों पर बाढ़ को नियंत्रित करने का कार्य जारी है
– 52 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई
– क्योडो के अनुसार 47.2 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाए जाने के आदेश दिए गए थे
– रक्षा बलों, पुलिस और अग्निशमन के 48,000 सदस्य तलाशी अभियान में लगे हुए हैं

भारी बारिश का अलर्ट
जेएमए ने रविवार तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में बारिश आठ सेंटीमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से हो सकती है.

21,000 जवानों को राहत के लिए तैयार रखा
रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोदेरा ने पत्रकारों से कहा, “सशस्त्र सेना के लगभग 650 सदस्यों को राहत अभियान के लिए लगाया गया है, जबकि 21,000 जवानों को इसके लिए तैयार रखा गया है.” अधिकारियों ने लगभग 40 लाख लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकालने के आदेश दिए हैं.

भूस्खलन का खतरा बढ़ा
जेएमए ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी कि भारी बारिश से जमीन अत्यंत नम हो गई है, जिससे भूस्खलन संबंधी सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है. (इनपुट- एजेंसी)