जकार्ता: इंडोनेशिया के सुंडा जलडमरूमध्य में शनिवार रात ज्वालामुखी फटने के बाद आई सुनामी से कम से कम 168 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं. सुनामी ने कई पर्यटक बीच और तटवर्ती इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी तबाही मचाई. इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुग्रोहो ने रविवार को कहा, ”आपदा में मरने वाले लोगों की संख्या 168 हो गई है, 745 लोग घायल हुए हैं और 30 लोग लापता हैं.”

इंडोनेशिया में सुनामी, 46 लोगों की मौत, 600 घायल

क्राकाटोआ ज्वालामुखी फटने के बाद तबाही 
सुनामी ने कई पर्यटक बीच और तटवर्ती इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी तबाही मचाई. सुनामी के संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं हुई थी. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता स्तुपो पुर्वो नुग्रोहो ने बताया कि क्राकाटोआ ज्वालामुखी फटने के बाद शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात लगभग साढ़े नौ बजे दक्षिणी सुमात्रा और पश्चिमी जावा के पास समुद्र की ऊंची लहरें तटों को तोड़कर आगे बढ़ीं, जिससे अनेक मकान नष्ट हो गए.

आंखों देखा मंजर बयान किया
टीवी चैनलों पर जावा के पश्चिमी पट पर स्थित मशहूर कारिता बीच पर हुए नुकसान की तस्वीरें भी दिखाई जा रही हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने भी आंखों देखा मंजर बयान किया है. सुनामी के समय कारिता बीच पर मौजूद मुहम्मद बिनतांग ने बताया कि अचानक तेज लहरें उठने लगीं और अंधेरा छा गया.

तेज लहरें उठने लगीं, अंधेरा छा गया 
पंद्रह वर्षीय बिनतांग ने कहा, “हम रात करीब नौ बजे यहां आए थे कि अचानक तेज लहरें उठने लगीं, अंधेरा छा गया और बिजली चली गई.
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी के वैज्ञानिकों ने कहा कि अनाक क्राकाटाओ ज्‍वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के नीचे भूस्खलन सुनामी का कारण हो सकता है. उन्होंने लहरों के उफान का कारण पूर्णिमा के चंद्रमा को भी बताया. इंडोनेशिया की भूगर्भीय एजेंसी सुनामी की असली वजह पता लगाने में जुटी है.