नई दिल्ली: इंडोनेशिया में ‘लायन एयर’ का एक यात्री विमान सोमवार को राजधानी जकार्ता से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में तीन बच्चे सहित 188 लोग सवार थे. इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी ने हादसे के शिकार हुए विमान की कुछ तस्वीरें ट्विटर पर डालीं, जिनमें बुरी तरह टूट चुका एक स्मार्टफोन, किताबें, बैग, विमान के कुछ हिस्से दिख रहे हैं. दुर्घटना की जगह तक पहुंचे खोजी एवं बचाव पोतों ने यह सामान इकट्ठा किया है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस विमान के कैप्टन थे दिल्ली के रहने वाले कैप्टन भव्य सुनेजा. सुनेजा को जानने वाले प्रार्थना कर रहे हैं कि वह सही सलामत हों. सुनेजा मयूर विहार-1 के रहने वाले थे. मार्च 2011 में उन्होंने लॉ कोस्ट कैरियर लायन एयर जॉइन किया था और बोइंग 737 उड़ाते थे. एयरलाइन के वाइस प्रेसिडेंट का कहना है कि सुनेजा दिल्ली में अपनी तैनाती चाहते थे क्योंकि वह दिल्ली के रहने वाले थे. 2009 में सुनेजा ने बेल एयर इंटरनेशनल से कमर्शियल लाइसेंस हासिल किया था. इसके बाद उन्होंने ट्रेनी के तौर पर Emirates जॉइन किया. मार्च 2011 में उन्होंने इंडोनेशिया की लायन एयरलाइंस जॉइन किया.

एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पूर्वो नुग्रोहो ने कहा कि जकार्ता से पांगकल पिनांग शहर जा रहे इस विमान में 181 यात्री और चालक दल के सात सदस्य सवार थे. यात्रियों में तीन बच्चे भी शामिल थे. इंडोनेशियन टीवी ने विमान से ईंधन के निकल कर समुद्र में फैलने और विमान के मलबे के कुछ हिस्से की तस्वीरें दिखाई. राष्ट्रीय तलाश और बचाव एजेंसी (एनएसआरए) ने कहा कि पश्चिम जावा के पास समुद्र में यह विमान गिरा. यह जगह 30-35 मीटर (98-115 फुट) गहरी है. एनएसआरए के प्रमुख मुहम्मद स्याउगी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि गोताखोर विमान के पूरे मलबे का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.

बोइंग 737-800 विमान सुबह 6 बजकर 20 मिनट पांगकल पिनांग के लिए जकार्ता से रवाना हुआ था. विमान की स्थिति पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटअवेयर’ पर ‘फ्लाइट 610’ से संबंधित सूचना इसके उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद नजर आनी बंद हो गई.‘इंडोनेशियन टीवी’ ने दर्जनों लोगों को पांगकल पिनांग हवाई अड्डे के बाहर लोगों को बेचैनी में अपने परिजन से जुड़ी सूचना का इंतजार करते और अधिकारियों को प्लास्टिक की कुर्सियां लाते दिखाया. दिसंबर 2014 में एयरएशिया के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद यह इंडोनेशिया में सबसे बड़ा विमान हादसा है. एयरएशिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसमें सवार सभी 162 लोग मारे गए थे.

जकार्ता तलाश एवं बचाव दफ्तर ने अपनी रिपोर्ट में एक नौका के चालक दल के सदस्यों का हवाला दिया है. दरअसल, इस नौका के चालक दल के सदस्यों ने ही ‘लायन एयर’ के विमान को आसमान से गिरते देखने पर इस बारे में सूचित किया था. एनएसआरए की ओर से वायुसेना को भेजे गए एक टेलीग्राम में तलाश के काम में उसकी सहायता मांगी गई है.‘लायन एयर’ इंडोनेशिया के सबसे बड़े एयरलाइनों में से एक है, जिसके दर्जनों विमान देश-विदेश की जगहों के लिए उड़ान भरते हैं. साल 2013 में ‘लायन एयर’ का एक बोइंग 737-800 विमान बाली में उतरते वक्त रनवे से फिसलकर समुद्र में चला गया था. हालांकि, इस घटना में विमान में सवार 108 लोगों में से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ था.