भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा है कि अमेरिका और भारत सहित दुनियाभर में लोकतंत्र चुनौतियों का सामना कर रहा है. ‘इंटरनेशनल डे ऑफ कंसाइंस’ के मौके पर बुधवार (7 अप्रैल, 2021) को उन्होंने कहा, ‘आज इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि अमेरिकी लोकतांत्रिक संस्थाएं बड़े खतरों का सामना कर रही हैं।’Also Read - मुश्किल हालातों में भी भारत के लोगों का हौसला हमारी बड़ी ताकत, दुनिया हमें उम्मीद से देख रही: पीएम मोदी

कृष्णमूर्ति का इशारा छह जनवरी को यूएस कैपिटल (अमेरिकी संसद) पर हुए हमले की ओर था. ‘इंटरनेशनल डे ऑफ कंसाइंस’ पांच अप्रैल को मनाया जाता है. कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘छह जनवरी को हुए हमले के जवाब में अमेरिकियों को किसी भी धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के मूल सिद्धांत को बनाए रखने के लिए खुद को फिर से तैयार करना होगा, जिसमें कि सभी जातियों, धर्मों और पृष्ठभूमि के व्यक्ति अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकें और अपने अधिकारों एवं सुरक्षा की गारंटी के साथ शांति से रह सकें.’ Also Read - G-7 Summit में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी पहुंचे PM मोदी, प्रवासी भारतीयों ने किया जोरदार स्वागत

उन्होंने कहा कि एशियाई-अमेरिकियों पर हाल में हुए बड़े हमले सभी के अधिकारों और सुरक्षा का बचाव करने की तात्कालिकता को रेखांकित करते हैं. भारतीय-अमेरिकी सांसद ने कहा, ‘मेरे जन्म स्थल भारत सहित दुनियाभर के लोकतंत्र एक जैसी ही चुनौतियों का सामना कर रहे हैं’ भारत की तरह अमेरिका में भी हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सहित सभी धर्म और संस्कृति के लोग बसते हैं. और इनका अपनी पूर्ण क्षमताओं के साथ आजादी से सुरक्षित जीवन जीना संभव होना चाहिए.’ Also Read - Earthquake: 6.1 तीव्रता वाले भूकंप के कारण से हिली पाकिस्तान की धरती, अफगानिस्तान और मलेशिया में महसूस किए गए झटके

उन्होंने कहा कि भारतीय लोगों और इसके संस्थानों को विभाजित करने वाले मुद्दों से विश्वभर के लोगों को कोविड-19 रोधी टीके लगाने, चीनी सेना की अक्रामकता का सामना करने, अर्थव्यवस्था को बहाल करने और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने जैसी आम चुनौतियों से निपटने की दिशा में बाधा उत्पन्न करने का खतरा पैदा होता है.