स्टॉकहोम। डेनमार्क में सार्वजनिक स्थलों पर पूरे चेहरे पर इस्लामी हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. देश की संसद ने आज इससे जुड़ा कानून पारित किया. इसके साथ ही डेनमार्क इस तरह की रोक लगाने वाला यूरोप का पहला देश बन गया. कानून के अनुसार, चेहरे को छिपाने वाला कपड़ा पहनने वाले व्यक्ति पर जुर्माना लगाया जाएगा. संसद में कानून के पक्ष में 75 जबकि विपक्ष में 30 वोट डाले गए. सरकार द्वारा पेश किए गए कानून का सोशल डेमोक्रेट्स और घोर दक्षिणपंथी डैनिश पीपुल्स पार्टी ने भी समर्थन किया.

लगेगा भारी जुर्माना

कानून एक अगस्त को प्रभाव में आ जाएगा. कानून के तहत सार्वजनिक स्थल पर बुर्का या नकाब पहनने पर 1,000 क्रोनर (156 डॉलर, 134 यूरो) का जुर्माना लगेगा. दूसरी बार उल्लंघन करने पर 10,000 क्रोनर तक का जुर्माना लगेगा. बुर्का महिलाओं के पूरे चेहरे को ढंकता है जबकि नकाब में बस उसकी आंखें दिखती हैं. डेनमार्क में कितनी महिलाएं नकाब या बुर्का पहनती हैं, ये संख्या अभी पता नहीं है. यूरोपीय मानवाधिकार कोर्ट ने पिछले साल सार्वजनिक स्थल पर नकाब पहनने पर बेल्जियम में लगाया गया प्रतिबंध बरकरार रखा था.

फ्रांस है पहला यूरोपीय देश

सार्वजनिक स्थलों पर नकाब पहनने पर रोक लगाने वाला फ्रांस यूरोप का पहला देश था. फ्रांस ने 2011 में यह रोक लगाई थी. बता दें कि यूरोपीय देशों में लंबे समय से सार्वजनिक जगहों पर बुर्का पर बैन लगाने की मांग की जा रही है. कई स्कूलों में इस पर बैन लगा हुआ है. इसे लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग विरोध जताते रहे हैं.