क्या ईरान ने गलती से कर दिया था होर्मुज में भारत के ऑयल शिप पर हमला? विशेषज्ञ क्यों जता रहे ये आशंका

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:April 21, 2026 6:48 AM IST

Strait of Hormuz: होर्मुज में क्या ईरान अपने मित्र देशों के जहाजों की रक्षा कर पा रहा है. भारतीय जहाज पर हुए हमले से ये बड़ा सवाल उठता है.

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Strait of Hormuz: ईरान ने हाल के दिनों में कई बार बयान दिया है कि वह भारत को मित्र देश मानता है और हार्मुज उसके लिए खुला है. फिर भी ईरान की ओर से शनिवार को भारत के झंडे वाले दो तेल टैंकरों जग अर्णव' और 'सनमार हेराल्ड' पर फायरिंग की गई. यह घटना कई तरह के सवाल खड़ी करती है कि क्या होर्मुज अराजक हो चुका है.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों का मानना है कि दो भारतीय तेल टैंकरों पर हुआ यह हमला भारत के खिलाफ कोई जानबूझकर उठाया गया कदम नहीं, बल्कि संभवतः 'गलत पहचान' का मामला था.

लंदन में रहने वाले एक लेखक और दक्षिण एशिया मामलों के जानकार, प्रियाजित देबसरकार ने कहा, उन्हें लगता है यह गलत पहचान का एक मामला है. होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से भरा हुआ है और वहां बहुत कुछ चल रहा है. ईरानी गार्ड बहुत दबाव में हैं, और वे अपने विरोधियों द्वारा इस्तेमाल की गई भारी ताकत पर प्रतिक्रिया दे रहे है. हो सकता है कि उन्होंने भारतीय जहाजों पर गोली चलाकर स्थिति का गलत अंदाजा लगाया हो.

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आकलन का क्या है आधार

विशेषज्ञों का मानना है कि नई दिल्ली और ईरान का कोई विरोधी नहीं है. भारत ने अभी भी तेहरान के साथ कामकाजी संबंध बनाए हुए है. इन संबंधों में हाल के हफ़्तों में अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों में मिली अस्थायी छूट के तहत तेल की दोबारा खरीद भी शामिल है.

(photo credit AI, for representation only)

विश्लेषकों का कहना है कि इस घटना से यह पता चलता है कि इस भीड़भाड़ वाले होर्मुज में सैन्य दबाव और भ्रम के चलते, मित्र देशों के जहाज भी खतरे में आ सकते हैं.

कैसे हुई तेल टैंकर पर गोलाबारी की पूरी घटना

शुक्रवार को ईरान की ओर से संकेत दिया गया कि होर्मुज खुल गया है. शनिवार को फिर ईरान ने रूख बदला और कहा कि जलडमरूमध्य एक बार फिर से सख्त सैन्य नियंत्रण में आ गया है. शनिवार को कुछ व्यापारिक जहाजों को रेडियो पर चेतावनी मिली कि इस जलमार्ग से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं है. इस बीच यह हमला हो गया.

भारत के झंडे वाले ये दोनों टैंकर कच्चा तेल ले जा रहे थे, जिनमें से एक टैंकर इराक से 20 लाख बैरल तेल ढो रहा था. जहाज के चालक दल के सदस्यों में से किसी के भी घायल होने की कोई खबर नहीं है, लेकिन गोलीबारी के कारण 'सनमार हेराल्ड' को मामूली नुकसान पहुंचा है.

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने इस हमले पर अपनी "गहरी चिंता" दर्ज कराने के लिए दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब किया. शनिवार को भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी ने राजदूत मोहम्मद फथाली से कहा कि वे भारत के विचारों से ईरानी अधिकारियों को अवगत कराएं और इस जलडमरूमध्य से होकर भारत के जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाएं. इससे पहले, फथाली ने कहा था कि यह जलडमरूमध्य भारतीय जहाजों के लिए बिना किसी शुल्क के खुला रहेगा.

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