इजरायल के इस शहर को कहते हैं 'लिटिल इंडिया', जहां ईरान ने दागीं मिसाइलें, जानिए क्या है भारत से संबंध
Dimona city: डिमोना में रहने वाले भारतीय समुदाय के ज्यादातर लोग यहूदी हैं और उनकी जड़ें महाराष्ट्र से जुड़ी हैं. इस शहर में जगह-जगह भारतीय दुकानें हैं.
Iran vs Isreal: ईरान ने नतांज परमाणु संवर्धन सुविधा पर हुए हमले का जवाब देने के लिए इजरायल के डिमोना शहर पर कई मिसाइलें दागी हैं. इस हमले में इजरायल को काफी नुकसान होने की खबर है. इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम इरानी मिसाइलों को रोक नहीं पाए जिसके कारण डिमोना में कम से कम 40 लोग घायल हुए हैं. जिस शहर पर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से भीषण हमला किया वह इजरायल के 'लिटिल इंडिया' नाम से जाना जाता है.
डिमोना को 'लिटिल इंडिया' क्यों कहते हैं?
डिमोना में भारतीय समुदाय के काफी लोग रहते हैं. इजरायल के इस शहर में लगभग 7,500 भारतीय नागरिक रहते हैं. यह इस छोटे से शहर की कुल आबादी का लगभग 30% हिस्सा है. भारतीयों की बड़े पैमाने पर मौजूदगी के कारण ही इसे अक्सर "लिटिल इंडिया" कहा जाता है.
महाराष्ट्र से जुड़ी हैं जड़ें
डिमोना में रहने वाले भारतीय समुदाय के ज्यादातर लोग यहूदी हैं और उनकी जड़ें महाराष्ट्र से जुड़ी हैं. इस शहर में जगह-जगह भारतीय दुकानें हैं जहां सोनपापड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट और भेलपूरी जैसी चीजें आसानी से मिल जाएंगी.
डिमोना में भी भारत की ही तरह क्रिकेट खूब लोकप्रिय है. यहां मराठी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है. इजरायल में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित 'इंडियन फ़िल्म फेस्टिवल' का दूसरा संस्करण पिछले साल नवंबर में डिमोना में ही हुआ था.
बता दें कि डिमोना नेगेव रेगिस्तान के पास है. इस रेगिस्तान में ही इजरायल का 'शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर' है जिसे ईरान ने मिसाइलों से निशाना बनाया. मिसइलें रिहायशी इलाकों में भी गिरीं. इस हमले को लेकर इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा है कि वह ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने में हुई नाकामी की जांच कर रहा है.
बता दें कि ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहरों में न्यूक्लियर सिटी डिमोना के साथ अराद में भी बड़ा मिसाइल अटैक किया. 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से ईरान ने पहली बार इजरायल के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया है. दोनों शहरों में हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए है जिनमें 11 की हालत गंभीर बताई जा रही है.
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि वह डिमोना में मिसाइल घटना की रिपोर्ट पर करीब से नजर रख रही है. आईएईए ने कहा है कि इजरायल के सेंसिटिव न्यूक्लियर रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं हुआ है. यह फैसिलिटी इजरायल के न्यूक्लियर प्रोग्राम से काफी हद तक जुड़ी हुई है. यहां हुए हमलों को लेकर इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी रिपोर्ट मांगी है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें