नई दिल्ली: 25 मई से भारत में दो महीनें के लंबे इंतजार के बाद घरेलू उड़ाने शुरू हो गईं हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पहले दिन 532 घरेलू उड़ानों में 39,231 यात्रियों ने यात्रा की. लॉकडाउन में छूट और सड़क के साथ-साथ हवाई यात्रा शुरू करने पर यह संशय बना हुआ है कि क्या यह सही फैसला है. हवाई यात्रा के फैसले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी टिप्पणी की है. Also Read - इशांत शर्मा ने कहा- 2013 के बाद महेंद्र सिंह धोनी को अच्छे से समझ पाया था

दुनिया भर के लोगों का मानना है कि अब कोरोना हमारे जीवन का हिस्सा है और जब तक इसकी दवाई विकसित नहीं कर ली जाती तब तक हमें सिर्फ ऐहतियात ही इससे बचा सकता है. भारत में हवाई यात्रा शुरू करने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. WHO ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए एक मीटर की दूरी बनाए रखना बहुत जरूरी है. Also Read - देश में कोरोना के करीब 21 हजार नए केस, आंकड़ा 6.25 लाख के पार, 18 हजार से ज्‍यादा मौतें

WHO की तकनीकी प्रमुख डॉक्टर मारिया ने कहा कि हम बिना काम के आगे नहीं बढ़ सकते इसलिए हमें कोरोनावायरस से बचाव के तरीकों के साथ अपने जीवन को आगे बढ़ाना होगा. उन्होंने कहा सफर करते समय हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि हमारे बीच में एक मीटर या फिर इससे अधिक की दूरी हमेशा बनी रहे. Also Read - कोविड-19 की दवा विकसित करने के लिए 'ड्रग डिस्कवरी हैकाथन' शुरू, देश में पहली बार हो रही ऐसी पहल

इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हवाई यात्रा पर अपने कुछ सुझाव भी शेयर किए. इसमें कहा गया कि अगर विमानन कंपनिया और सरकार जहाजों में बीच की सीट को खाली छोड़ती है तो काफी हद तक बचाव किया जा सकता है.

आपको बता दें कि 25 मई यानि बीते सोमवार से भारत में आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़कर पूरे देश में हवाई. यात्रा शुरू कर दी गई है. फिलहाल अभी विदेश यात्रा को लेकर सरकार की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है.